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डिफाल्टर सभी वाहनों के रजिस्ट्रशन रद्द

बिहार के व्यावसायिक वाहन मालिक सिर्फ पैसा कमाना जानते हैं! टैक्स चुकाने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं। शायद इसी कारण राज्य के 3.65 लाख ट्रक, बस, जीप, ट्रैक्टर और टेम्पो जैसे वाहनों में से 1,48,251 टैक्स नहीं देते। यह आंकड़ा भी 1 अप्रैल 1े बाद रजिस्टर्ड वाहनों का है। टैक्स चुराने वाले सबसे अधिक 1वाहन मालिक पटना में हैं जबकि सबसे कम 44 डिफाल्टर अरवल के हैं। टैक्स देने में छपरा, दरभंगा, किशनगंज और जमुई के वाहन मालिक सबसे आगे हैं, जहां एक भी डिफाल्टर नहीं। उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने टैक्स डिफाल्टरों को सबक सिखाने के लिए ऐसे सभी वाहनों का रजिस्ट्रशन रद्द करने का निर्देश दिया है। यही नहीं 25000 रुपये से अधिक टैक्स दबाए बैठे वाहन मालिकों के नाम का इस्तेहार छपेगा।ड्ढr ड्ढr विभागीय सूत्रों के अनुसार, टैक्स चोरी करने वाले वाहनों में सबसे अधिक संख्या ट्रैक्टर और ट्रलर की है। राज्य में 50276 ट्रैक्टर और 334ट्रलर डिफाल्टर हैं। इसी प्रकार 17672 टेम्पो, 151जीप, 14673 ट्रक, टैक्सी और 5151 बसों के मालिक वर्षो से पथ कर और अतिरिक्त कर दबाए बैठे हैं। ट्रक और बस जैसी बड़ी गाड़ियों का टैक्स नहीं देने के मामले में गया सबसे आगे हैं जहां 4341 ट्रक और 1104 बसें डिफाल्टर हैं। सबसे अधिक 1787 डिफाल्टर टैक्िसयां मुंगेर में हैं।ड्ढr ड्ढr अन्य जिलों की तुलना में पटना में 6628 टेम्पो और 3380 जीप टैक्स नहीं देते। कृषि प्रधान जिला रोहतास में 7ट्रैक्टर और 5172 ट्रलर टैक्स डिफाल्टर हैं। उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर परिवहन सचिव सुनील बर्थवाल ने हरक डीटीओ को डिफाल्टरों को कर अदायगी का नोटिस भेजने का निर्देश दिया है। जवाब नहीं देने वालों पर मुकदमा करके वाहन का रजिस्ट्रशन रद्द कर दिया जायेगा।ं

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