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दबाव में छोड़े दो उग्रवादी

पांच लाख का इनामी और कई बड़े कांडों का मास्टर माइंड कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन के दो सहयोगियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस को छोड़ देना पड़ा। इनमें एक बाराहातू और दूसरा अड़की इलाके का रहनेवाला था। पुलिस लंबे समय से इनकी तलाश कर रही थी। पूर तमाड़ में नक्सलियों को एक राजनेता के दबाव में छोड़े जाने की बात चर्चा का विषय बनी हुई है।ड्ढr शूटर और लाल दस्ते के सदस्य थे दोनोंड्ढr बीते 16 दिसंबर को पुलिस को सूचना मिली कि तमाड़ के पास देवड़ी मंदिर में दो बड़े नक्सली पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इसी सूचना पर बुंडू के डीएसपी अजीत पीटर डुंगडुंग, थानेदार रविकांत, तमाड़ थाना प्रभारी अशोक कुमार, इंस्पेक्टर विजय कुमार और सीआरपीएफ के जवानों ने मंदिर की घेराबंदी की और उन्हें दबोच लिया। इनमें एक कुंदन पाहन का शूटर बताया गया, जबकि दूसरा लाल दस्ते का सदस्य था।ड्ढr पकड़ाने के बाद नेता से फोन पर की बातड्ढr सूत्रों के अनुसार पकड़ने के बाद जब पुलिसवालों ने अपना परिचय दिया, तो दोनों तनिक भी विचलित न हुए और सत्ताधारी दल के एक बड़े नेता का नाम लिया और उनसे बात कराने को कहा। दोनों नक्सलियों ने अपना नाम भी बताया। थोड़ी देर बाद बकायदा शीर्षस्थ नेता से उनकी बात भी हुई। फिर क्या था, पुलिस के पास दनादन फोन आने लगे। दबाव इतना बढ़ा कि दोनों को छोड़ देना पड़ा।ड्ढr आइपीएस ने दिया छोड़ने का आदेशड्ढr रांची जिले में तैनात एक आइपीएस अधिकारी ने डीएसपी को आदेश दिया कि 15 मिनट के अंदर दोनों नक्सलियों को छोड़ो और इसकी सूचना दो। आधा घंटा बाद दोनों छोड़ दिये गये। नक्सलियों को गिरफ्तार करनेवाली पुलिस की टीम ने माथा पकड़ लिया। बात इतनी बढ़ी कि डीएसपी के नेतृत्व में टीम के सभी सदस्यों ने इस्तीफे तक की पेशकश कर दी। उनका कहना था कि खाकी वर्दी अब किसी काम की नहीं। खादी हावी है। लेकिन सीनियर अधिकारियों के समझाने के बाद वे मान गये।

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