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संजीवनी साबित होगा ऑटो राहत पैकेचा

अमेरिकी राष्ट्रपति बुश द्वारा ऑटो निर्माता कंपनियों को लोन के रूप में दिया जाने वाला राहत पैकेा उनके लिए संजीवनी बन कर सामने आया है। मंदी की मार झेल रहे ऑटो सेक्टर में नगदी की किल्लत काफी समय से महसूस की जी रही थी। पहले घोषित 700 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेा की घोषणा के बाद से ही ऑटो सेक्टर के लिए अलग से राहत पैकेा लाने के लिए सरकार पर दबाब बनाया जा रहा था। एक हफ्ते की जद्दोहद के बाद शुक्रवार को अमेरिकी सरकार ने 17.4 अरब डॉलर के राहत पैकेा की घोषणा कर ही दी। क्या बोले बुश-ओबामाड्ढr पूर हफ्ते अमेरिकी अर्थव्यवस्था काफी हलचल भरी रही। फेड ने ब्याजा दरों को जीरो के पास लाकर खड़ा कर दिया। ऑटो राहत पैकेा की घोषणा करते हुए राष्ट्रपति बुश ने कहा कि अमेरिकी जनता चाहती है कि ऑटो कंपनियां न डूबें और मैं भी यह कर रहा हूं। बुश द्वारा राहत पैकेा की घोषणा करने के बाद नवनियुक्त राष्ट्रपकि बराक ओबामा ने भी इसका समर्थन करते हुए कहा कि यह कदमउठाना काफी जरूरी था और अब ऑटो कंपनियां अपने प्रबंधन में फेरबदल करते हुए इस मौके का फायदा उठाने से न चूकें। पैकेा में किसको क्या मिलाड्ढr इस राहत पैकेा में घोषित 17.4 अरब डॉलर की राशि में से 13.4 अरब डॉलर से जीएम और 4 अरब डॉलर से क्रिस्लर को उबारा जाएगा। फोर्ड ने कह दिया है कि फिलहाल उसे लोन की जरूरत नहीं है। उधर, जीएम ने तो कह दिया था कि वर्ष के अंत तक उसका पूरा पैसा खत्म हो जाएगा और आगे काम करना उसके लिए नामुमकिन होगा। मजबूरी थी पैकेा देनाड्ढr ऑटो कंपनियों जनरल मोटर्स और क्रिस्लर को बचाना अमेरिकी सरकार की मजबूरी बन गया था। ऐसा न किया जाता तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था काफी गहर संकट में फंस जाती। राहत पैकेा न दिया जाता तो अर्थव्यवस्था में एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आती और 11 लाख लोगों को रोगार से हाथ धोना पड़ता और सरकार को नए बरोगार हुए लोगों को भत्ते के दावे के रूप में करीब 13 अरब डॉलर देने पड़ते।

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