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विवि को करना होगा भुगतान

राज्य के नवअंगीभूत कालेजों के शिक्षाकर्मियों का वेतन भुगतान विश्वविद्यालयों को करना होगा। इस मुतल्लिक विधान परिषद के सभापति प्रो. अरुण कुमार ने विश्वविद्यालयों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि जो विश्वविद्यालय इन शिक्षाकर्मियों को वेतन देने में आनाकानी करंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इन शिक्षाकर्मियों के मसले पर विधान परिषद के सभापति ने बैठक बुलाई थी। पिछले कई महीने से अधिकतर विश्वविद्यालय इन शिक्षाकर्मियों का वेतन भुगतान नहीं कर रहे थे। ऐसे शिक्षाकर्मियों की संख्या एक हाार से ऊपर है।ड्ढr ड्ढr यह बैठक विधान पार्षद समीर कुमार महासेठ द्वारा लाये गए कार्यस्थगन प्रस्ताव के मुतल्लिक बुलाई गई थी।ड्ढr बैठक में विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया कि चतुर्थ चरण में अंगीभूत हुए कालेजों के सभी वेतन से वंचित शिक्षाकर्मियों का वेतन भुगतान दिसम्बर से नियमित रूप से किया जाए। उनकी लम्बित प्रोन्नति की प्रक्रिया को पूरा किया जाए तथा बकाया वेतन भी दिया जाए। साथ ही विश्वविद्यालयों को यह भी निर्देश दिया गया कि वर्ष 2000 का बजट नये वेतनमान के अनुसार बनाकर सरकार के समक्ष रखा जाए। उन्होंने कर्मियों की वेतन विसंगति को भी दूर करने का निर्देश दिया। बैठक में मानव संसाधन विकास मंत्री हरिनारायण सिंह, विधान पार्षद वासुदेव प्रसाद सिंह, केदार पाण्डेय, प्रो. रामकिशोर सिंह, प्रो. नरन्द्र कुमार सिंह, प्रो. विनोद कुमार चौधरी, प्रो. नवल किशोर यादव, समीर कुमार महासेठ और नीरा कुमार के अलावा सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिव और वित्त पदाधिकारी मौजूद थे। बिहार राज्य नवअंगीभूत महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी संघर्ष महासंघ के महामंत्री प्रो. विमल कुमार सिंह ने बैठक में लिए गए निर्णयों पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा है कि इससे विश्वविद्यालयों की स्वेच्छाचारिता पर अंकुश लगेगा।

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