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डब्ल्यू2एम उपग्रह का सफल परीक्षण : इसरो

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने यूरोप के ईएडीएस अस्ट्रियम के साथ वाणियिक आधार पर अत्याधुनिक संचार उपग्रह डब्ल्यू2एम का रविवार को यूरोपीय एरीयन 5 प्रक्षेपण यान से सफलता पूर्वक प्रक्षेपण किया। फ्रेंच गुयाना के कोरू अंतरिक्ष केन्द्र से प्रक्षेपित इस उपग्रह का निर्माण इसरो और ईएडीएस अस्ट्रियम ने संयुक्त रूप से किया है। इसका वजन 3463 किलोग्राम है। यहां जारी इसरो की विज्ञप्ति के अनुसार प्रक्षेपण के 32 मिनट बाद डब्लयू2एम एरियन से अलग हो गया। कर्नाटक के हासन स्थित इसरो के प्रमुख नियंत्रण केन्द्र को डब्ल्यू2एम द्वारा भेजा गया रेडियो सिग्नल सफलता पूर्वक मिल रहा है और उपग्रह ठीक है। यह उपग्रह 15 वर्षों तक काम करेगा। उपग्रह के सौर पैनलों से सात हजार वाट बिजली उत्पादित होती है। पूरे यूरोप पश्चिम एशिया और उत्तर अफ्रीका में दूरसंचार और प्रसारण सेवाआें के लिए उपग्रह में 32 उच्च शक्ितशाली केयू बैंड ट्रांसपोडर लगाए गए हैं। यह उपग्रह टेलीविजन, डाटा ट्रांसफर और इंटरनेट की ब्रॉड बैण्ड सेवाआें के लिए तैयार किया गया है। इसरो के अध्यक्ष जी माधवन नायर ने इस मौके पर कहा कि यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के साथ संयुक्त उपक्रम के तहत काम करने का पहला अनुभव बहुत लाभप्रद रहा। उल्लेखनीय है कि 20 फरवरी 2006 क ो फ्रांस के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग के वाणियिक प्रकोष्ठ अंतरिक्ष कापर्ोरेशन लिमिटेड और ईएडीएस अस्ट्रियम के बीच पेरिस स्थित उपग्रह संचार सेवा प्रदाता यूटेलसैट कम्युनिकेशंस के लिए संचार उपग्रह डब्ल्यू2एम का संयुक्त रूप से निर्माण कर उसे प्रक्षेपित करने का करार हुआ था। अस्ट्रियम को उपग्रह के कार्यक्रम प्रबंधन और संचार उपकरणों की आपूर्ति की जिम्मेदारी दी गई थी, जबकि इसरो ने उपग्रह यान उपलब्ध कराने के साथ ही डब्ल्यू2एम के उपकरणों के संयोजन के साथ ही बेंगलूरू स्थित अपने केन्द्र में इसका परीक्षण भी किया।

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