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आतंकवाद से सख्ती से निपटेंगे : राष्ट्रपति

राष्ट्रपति महामहिम प्रतिभा देवी सिंह पाटील ने रविवार को हस्तिनापुर के जम्बूद्वीप में विश्व शांति अहिंसा सम्मेलन एवं भगवान पाश्र्वनाथ के 2885 वें जन्मकल्याणक महोत्सव का उद्धाटन करते हुए कहा कि विश्व के सामने आतंकवाद एक बड़ी चुनौती है। आतंकवादियों का न कोई धर्म होता है ओर न कोई ईमान। उनका मकसद देश की प्रगति के मार्ग में बाधा पहुंचाना और सामाजिक संतुलन बिगाड़ना है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत दुनिया भर में शांति और अहिंसा के लिए जाना जाता है मगर राष्ट्रहित के लिए हम आतंकवाद से सख्ती से निपटने और विश्व शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं। गरीबी और अज्ञानता और नशाखोरी जसी सामाजिक बुराइयां समाज को कमजोर करती हैं। देश में कन्या भ्रूण हत्या के मामले बढ़ रहे हैं। यह चिंता का विषय है। हमें अहिंसा के पथ पर चलते हुए महिलाओं को शिक्षित करने एवं बराबरी का हक देने के लिए गंभीर प्रयास करने चाहिए। राष्ट्रपति ने रविवार को हस्तिनापुर में दिगंबर जन त्रिलोक शोध संस्थान की ओर से आयोजित दो दिवसीय विश्व शांति अहिंसा सम्मेलन एवं भगवान पाश्र्वनाथ के 2885 वें जन्मकल्याणक महोत्सव का दीप जलाकर शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हस्तिनापुर की पहचान अन्याय पर न्याय की विजय के प्रतीक के रूप में है। यहां विश्व शांति सम्मेलन इसलिए और अधिक सार्थक हो गया है। शांति और अहिंसा एक दूसर के पूरक हैं। विश्व में शांति के लिए हमें अहिंसा का मार्ग अपनाना होगा। अहिंसा का मतलब है मन, वचन और कर्म से हिंसा न करना। इसीलिए अहिंसा को परम धर्म माना गया है। अहिंसा से पारस्परिक सहयोग की भावना बढ़ती है जो प्रगतिशील समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाती है। स्वतंत्रता के आंदोलन में राष्ट्रपिता अहिंसा के आंदोलन का अस्त्र कर समाज को नई दिशा दे चुके हैं। दुनिया राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्म दिवस 2अक्तूबर को अंतराष्ट्रीय दिवस के रुप में मनाती है। राष्ट्रपति ने कहा कि जन धर्म में वृक्षों और वनस्पतियों के संरक्षण की शिक्षा दी गई है। अगर समय रहते नहीं चेते तो सभी जीवों का अस्तित्व खतर में पड़ जाएगा। राष्ट्रपति और उनके पति डा. देवी सिंह शेखावत ने गणिनी प्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानवती माताजी से आर्शीवाद लिया। दोनों ने तेहरद्वीप मंदिर भी गए। मुख्यमंत्री मायावती की ओर से प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनंत मिश्र ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। प्रदेश के गर्वनर टी राजेस्वर कोहर के चलते देर से पहुंचे। पूर्व सांसद जे के जन ने राष्ट्रपति को पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा हस्तिनापुर में स्थापित शिलालेख की प्रतिकृति भी भेंट की।

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