अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कैंसर पर रोक के लिए अभियान चलेगा

आईजीआईएमएस के निदेशक डा.अरुण कुमार ने बताया है कि संस्थान में कैंसर का इलाज करानेवाले मरीजों को सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जाती है। राज्य के बीपीएल के अलावा एक लाख रुपये तक आयवाले कैंसर मरीजों को इलाज में आर्थिक सहयोग दिया जाता है। कैंसर रोग को भी असाध्य रोगों की सूची में शामिल किया गया है। डा.कुमार रविवार को संस्थान में आयोजित कैंसर जागरूकता अभियान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय कैंसर संस्थान और बिहार आब्सटेट्रिक एण्ड गायनेकोलॉजी सोसायटी संयुक्त रूप से राज्य में बच्चेदानी के मुख के कैंसर रोग (सर्विक्स) पर रोकथाम के लिए अभियान चलाएगी।ड्ढr ड्ढr इस मौके पर चितरंजन नेशनल कैंसर संस्थान, कोलकाता के डा.पार्थसारथी बासु ने कहा कि बच्चेदानी के मुख के कैंसर की रोकथाम के लिए टीका बाजार में आ चुका है। किशोरियों को इस रोग से बचाव के लिए दो प्रकार के ह्यूमन पैपिलियोमा वायरस (एचपीवी) के टीके उपलब्ध हैं। पहले प्रकार के टीके में चार प्रकार के वायरस को रोकने की क्षमता है जबकि दूसर प्रकार के एचपीवी टीके से दो प्रकार के वायरस को नियंत्रित किया जा सकता है। किशोरियों को 11-12 वर्ष की उम्र में टीका देने से बच्चेदानी के मुख के कैंसर की संभावना समाप्त हो जाती है। कैंसर सर्विक्स की रोकथाम के लिए आवश्यक है कि 30 वर्ष के बाद वे अपनी जांच कराएं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय कैंसर संस्थान के विभागाध्यक्ष डा. राजीव रंजन ने बताया कि कैंसर इलाज के लिए कम खर्च पर इलाज की सुविधाएं हैं। इस मौके पर कैंसर सर्विक्स की जानकारी डा.मंजू गीता मिश्रा, डा.शीला शर्मा, डा.शांति एच के सिंह, डा.कुसुम गोपाल कपूर ने दी। सभा का संचालन डा.प्रीतांजलि सिंह ने जबकि धन्यवाद ज्ञापन डा.संगीता पंकज ने किया। कार्यक्रम में संस्थान के सभी वरीय व कनीय चिकित्सक सहित कर्मचारी और मरीजों के परिजन मौजूद थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: कैंसर पर रोक के लिए अभियान चलेगा