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26 मई, 2020|3:52|IST

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दिसंबर ’07 के बाद पासवर्ड नहीं बदला

शनिवार की रात आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम से चोरी गए रुपयों के मामले में शक की सुई एटीएम को हैंडल और मेंटेन करने वाली मुंबई की कंपनी ब्रिंग्स आर्या के कर्मचारियों की ओर ही घूम रही है। कंपनी ने एटीएम के सुरक्षा मानक में लापरवाही बरती है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से तीन माह पर पासवर्ड बदलने का प्रावधान है पर दिसम्बर 2007 के बाद इस एटीएम का पासवर्ड भी नहीं बदला गया। गौरतलब है कि शातिर चोरों ने एटीएम की मशीन खोलकर 26.80 लाख नकद चोरी करके पटना पुलिस को चौंका दिया है। यह सनसनीखेज घटना शनिवार की देर रात शास्त्रीनगर इलाके में केशव पैलेस में स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम में हुई हालांकि इसका पता रविवार को चला। इस बाबत शास्त्रीनगर थाने में प्राथमिकी (46508) दर्ज कराई गई है, जिसमें बैंक के एटीएम में रकम जमा करने वाली कंपनी ब्रिक्स आर्या के एक कर्मचारी राहुल कुमार को नामजद किया गया है। पुलिस नामजद आरोपित राहुल के साथ ही एटीएम के गार्ड से भी पूछताछ कर रही है।ड्ढr सोमवार को फिंगर िपट्र विशेषज्ञों ने इस एटीएम से संदिग्ध निशान भी उठाए। दिनभर पुलिस इस मामले की गुत्थी सुलझाने में लगी रही। अब तक जो जानकारी पुलिस के हाथ लगी है, उसके अनुसार इस कंपनी के पटना में कार्यरत दस कर्मचारियों को एटीएम के पासवर्ड की जानकारी है। साथ ही दो ऐसे कर्मचारियों को भी इस पासवर्ड पता था जिन्हें कंपनी ने कुछ माह पूर्व नौकरी से निकाल दिया था।ड्ढr ड्ढr हालांकि पुलिस ने उन दोनों पूर्ववर्ती कर्मचारियों को भी पूछताछ और निशानदेही के लिए थाने बुलाया, पर घटना के दिन एटीएम की सुरक्षा में तैनात विजयंत सुरक्षा एजेंसी के गार्ड नंदकिशोर ने उसकी पहचान नहीं की। गौरतलब है कि पुलिस ने पूछताछ के लिए इस गार्ड और शनिवार को एटीएम में रुपए लोड का दावा करने वाले ब्रिंग्स के कर्मचारी सह लोडर राहुल राज को पूछताछ के लिए थाने में रोक रखा है। पुलिस और बैंक सूत्रों के अनुसार आईसीआईसीआई के प्रत्येक एटीएम में बारह अंकों का एक गुप्त पासवर्ड होता है। सुरक्षा के लिहाज से इस पासवर्ड को छह-छह अंकों के दो भागों में विभक्त कर दो लोगों को एटीएम की हैंडलिंग और करंसी लोड करने की जिम्मेवारी सौंपी जाती है। ऐसे लोगों को यह भी निर्देश होता है कि वे अपने पासवर्ड को आपस में भी शेयर न करं। यहां तक कि रुपये जमा करने या तकनीकी दिक्कत आने पर भी ऐसे दो लोगों को बारी-बारी से बिना एक दूसर को दिखाए पासवर्ड डायल करने का प्रावधान है। बताया जाता है कि मामले की छानबीन करने कोलकाता से पटना आए आईसीआईसीआई के रिानल मैनेजर टी के सरकार इस आशंका की भी जांच कर रहे हैं कि कहीं गायब हुए रुपये एटीएम में डाले ही नहीं तो गए। इधर आईसीआईसीआई बैंक के वरिष्ठ अधिकारी सह पीआरओ अमित लाल ने सोमवार को लखनऊ से फोन पर इस संवाददाता को बताया कि देश में घटी इस तरह की पहली घटना से आईसीआईसीआई प्रबंधन सकते में है।

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