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इराक से अपनी सेना हटाएगा सल्वाडोर

लैटिन अमेरिकी देश अल सल्वाडोर ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र के जनादेश की मियाद पूरी होने के साथ ही उसने इराक से अपनी सेना वापस बुलानी शुरू कर दी है। राष्ट्रपति टोनी साका ने इसकी पुष्टि करते हुए पत्रकारों से कहा कि मिशन पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि इराक में तैनात उनके दो सौ सैनिक जनवरी में स्वदेश लौट आएंगे। इराक में अमेरिका की अगुवाई वाले युद्ध में तैनात निकारागुआ, होंडुरास और डोमिनिकन गणराय द्वारा शुरू में ही अपनी सेना वापस बुलाने के बाद अल सल्वाडोर वहां अकेला लैटिन अमेरिकी देश बच गया था। वर्ष 2003 से इराक में अब तक इसके छह सैनिक मारे जा चुके हैं, जिसमें कुछ लड़ाई में तो कुछ दुर्घटना में मारे गए। अल सल्वाडोर की सेना का इराक में मौजूद रहना अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस आक्रमण से लैटिन अमेरिकी देशों में अमेरिका की काफी आलोचना हुई है। सर्वेक्षणों के मुताबिक सल्वाडोर की अधिकतर जनता ने इस युद्ध में अपने देश के शामिल होने का विरोध किया है। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र ने एक जनादेश पारित कर इराक में ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, अल सल्वाडोर, रोमानिया, एस्तोनिया और नाटो की सेना की मौजूदगी को वैध ठहराया था, जिसकी मियाद इस वर्ष के अंत में खत्म हो रही है। हालांकि इराक की संसद ने एक प्रस्ताव पारित कर इन सेनाआें को वहां लंबे समय तक मौजूद रहने की अनुमति दी।

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