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शिक्षक नियोजन: ट्रेनिंग संस्थानों का प्रवेशपत्र देना होगा

शिक्षक नियोजन में गड़बड़ियां न रहें इसके लिए राज्य सरकार एक और ‘अस्त्र’ का इस्तेमाल कर सकती है। सरकार को उम्मीद है कि इस अस्त्र के इस्तेमाल से सही और फर्जी प्रमाण-पत्र वाले अभ्यर्थियों की पहचान में और सटीकता आएगी। मानव संसाधन विकास विभाग का यह नया अस्त्र होगा अभ्यर्थियों का एडमिट कार्ड। दूसर चरण के शिक्षक नियोजन में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों से विभाग उनके ट्रनिंग संस्थानों का एडमिट कार्ड मांग सकता है।ड्ढr ड्ढr विभाग को उम्मीद है कि जिन अभ्यर्थियों ने सही में ट्रनिंग की होगी उनके पास संस्थान का एडमिट कार्ड तो होगा ही और जिन्होंने जालसाजी कर सर्टिफिकेट हासिल किया होगा उनकी चोरी पकड़ी जाएगी। नियोजन पत्र सौंपने के पहले अभ्यर्थियों से सबूत के तौर पर एडमिट कार्ड की मांग की जा सकती है।ड्ढr 30 दिसंबर को मेधा सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद इस अस्त्र को आजमाने की तैयारी है। मानव संसाधन विकास मंत्री हरिनारायण सिंह ने भी पूछने पर इस बात के संकेत दिए हैं। मंत्री की मानें तो दूसर चरण की नियोजन प्रक्रिया में किसी तरह की खामी न रह जाए इसके लिए हर प्वाइंट पर उनकी नजर है। पूरी जांच पड़ताल के बाद ही शिक्षकों को नियोजन पत्र दिए जाएंगे। इधर विभाग ने सभी जिलों की नियोजन इकाइयों को उन संस्थानों की सूची भी उपलब्ध करायी है जिनकी डिग्रियों को अमान्य किया गया है। मेधा सूची तैयार करने में इस बात का बखूबी ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है। अमान्य डिग्रियों वाले अभ्यर्थियों को मेधा सूची में जगह नहीं दी जाए इसके लिए नियोजन इकाइयों को भी आगाह किया गया है।

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