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क्षमता के अनुरूप ही योजना मंजूर करे राज्य सरकार

योजनाओं की राशि खर्च नहीं होने से नाराज केन्द्र ने राज्य सरकार को अपनी क्षमता के अनुरुप ही योजना मंजूर करने की सलाह दी है। मामला जलछाजन योजना से जुड़ा है। केन्द्र ने कहा है कि 11वीं पंचवर्षीय योजना के मात्र तीन वर्ष ही शेष है। इसलिए बहुत अधिक काम नहीं हो सकेगा। इससे राशि फिर फंस सकती है।ड्ढr ड्ढr केन्द्र की नाराजगी दसवीं पंचवर्षीय योजना में जलछाजन के लिए दी गई राशि खर्च नहीं होने को लेकर है। इस ‘घुड़की’ से खार खाये राज्य सरकार ने जिलों से इस योजना के तहत पहले दी गई राशि को लौटाने का फरमान जारी कर दिया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब वैशाली में ली गई योजना को लेकर लोगों ने मुख्यमंत्री से शिकायत की ।ड्ढr भूमि संरक्षण निदेशक आर पी सिंह का कहना है कि अब रट नया आ गया है इसलिए पुराने दर पर काम संभव नहीं है। नई योजना के तहत पहाड़ी क्षेत्र वाले जिलों में योजनाओं का चयन किया गया है। पुरानी योजना की राशि सिर्फ वैशाली जिले में फंसी उसे वापस करने को कहा गया है। जलछाजन विकास परियोजना के तहत वैशाली जिले का चयन वर्ष 2006 में किया गया था। दस योजनाओं में लगभग छह करोड़ रुपये की योजना पर अब तक काम शुरू तो नहीं किया गया।ड्ढr ड्ढr केन्द्र सरकार कई बार राज्य से इसका उपयोगिता प्रमाण पत्र मांग चुका है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी कई बार जिलाधिकारी को पत्र लिखकर उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजने को कहा। भूमि संरक्षण निदेशक राघवेन्द्रपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने खुद भी पत्र लिखकर पंद्रह दिनों में उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजने को कहा था। लेकिन काम शुरू भी नहीं हुआ तो सरकार ने जिलाधिकारी को पैसा वापस करने का निर्देश दिया है।

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