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केंद्रीय वेतनमान के आधार पर पेंशन की मांग

राज्य की तीनों यूनिवर्सिटी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने केंद्रीय वेतनमान के आधार पर पुनरीक्षित पेंशन की मांग की है। साथ ही कार्यरत कर्मियों की तरह मार्च 2007 से दिसंबर 2008 तक की बकाया राशि जोड़ कर एक साथ भुगतान का आग्रह किया गया है।ड्ढr 25 दिसंबर को रिटायर कर्मचारियों ने बैठक कर आठ सूत्री प्रस्ताव पारित किये। इनमें कहा गया कि राज्य सरकार ने अपने निर्देश में सेवानिवृत्त कर्मियों को 40 फीसदी अतिरिक्त राशि देने पर रोक नहीं लगायी है, परंतु यूनिवर्सिटी उनके साथ भेद-भाव कर रही है। रांची विवि में कार्यरत कर्मचारियों को अगस्त 2008 से बकाये के साथ सौ फीसदी केंद्रीय वेतनमान दिया जा रहा है। साथ ही इसका लाभ कुछ रिटायर कर्मियों को भी मिल रहा है। विवि प्रशासन से इसमें सुधार कर सभी को सौ फीसदी वेतनमान के आधार पर पेंशन दिये जाने की मांग की गयी। सभी कर्मियों को बकाया मद में अक्तूबर में पांच और दस हजार रुपये का भुगतान किया गया। जिस समय का यह बकाया है, उस समय कई सेवानिवृत्तकर्मी कार्यरत थे। परंतु उनके बकाया का भुगतान नहीं हुआ।ड्ढr सर्च कमेटी भी कर रही वीसी-प्रोवीसी का चयनड्ढr राजभवन द्वारा गठित सर्च कमेटी भी वीसी-प्रोवीसी के चयन में जुटी है। कमेटी की एक बैठक पहले ही हो चुकी है। कमेटी के अध्यक्ष शेर ए कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के पूर्व वीसी प्रो कमल एवं संयोजक राज्यपाल के प्रधान सचिव सुधीर त्रिपाठी हैं। कमेटी में सिदो-कान्हू यूनिवर्सिटी की पूर्व वीसी डॉ इंदू धान भी शामिल हैं। राजभवन को राज्य की तीनों यूनिवर्सिटी से प्राप्त 25 बायोडाटा कमेटी को सौंप दिये गये हैं। ये बायोडाटा मानव संसाधन विकास विभाग को भी भेजे गये हैं, ताकि विभाग भी सुझाव दे सके।

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