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सरकार की घोषणाओं को धोखाधड़ी बताया

छठे वेतन आयोग की अनुशंसाओं को लेकर राज्यकर्मियों की नाराजगी बढ़ती ही जा रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों ने नीतीश सरकार की घोषणाओं को धोखाधड़ी बताते हुए 1 जनवरी 2006 से ही एरियर का भुगतान और वेतन कमिटी को तत्काल भंग करने की मांग की है। बिहार प्रशासनिक सेवा संघ के अध्यक्ष ए.सी.मिश्र ने कहा है कि कुछ वरीय पदाधिकारी जानबूझ कर राज्य सरकार को बदनाम करना चाहते हैं। राज्य सरकार को वेतन आयोग की अनुशंसा को बगैर अड़चन लगाये हु-ब-हू लागू करना चाहिए।ड्ढr ड्ढr बिहार सचिवालय सेवा संघ के सचिव नित्यानन्द सिंह ने कहा कि राज्य सरकार को अपने कर्मचारियों को केन्द्र के समान वेतन-भत्ता और गड्र पे देना ही पड़ेगा। श्रम विभाग कल्याण समिति के अध्यक्ष रामनरश झा ने आफताब आलम अपीलीय समिति की अनुशंसा और एलपीए वापस लेकर वेतनमान संबंधी हाईकोर्ट के निर्णय को लागू करने की मांग की। विद्युत कर्मचारी, पदाधिकारी व अभियंता समन्वय समिति के संयोजक बी.एल. यादव ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग की। यूनाइटेड फोरम ऑफ इलेक्ट्रीसिटी वर्कर्स के महामंत्री चक्रधर प्रसाद सिंह के नेतृत्व में विद्युतकर्मियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विद्युत बोर्ड अध्यक्षस्वपन मुखर्जी से मिलकर उन्हें भी पुनरीक्षित वेतनमान देने की मांग की। बिहार इन्सपेक्टर सुपरवाइजरी एसोसिएशन के महामंत्री रंजीत कुमार झा और बिहार राज्य अंचल निरीक्षक सह कानूनगो संघ के महामंत्री श्रीनारायण तिवारी ने गड्र पे में मनमानी के खिलाफ 7 जनवरी से हड़ताल में उतरने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि 5000-8000 और 5500-000 रुपये के वेतनमान में केन्द्रीयकर्मियों को 4200 रुपये गड्र पे मिला है जबकि नीतीश सरकार क्रमश: 3200 और 3600 रुपये गड्र पे दे रही है। परिवहन विभाग में तैनात होंगे एक्स सर्विसमैनड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय के भरोसे बैठने की बजाय अब परिवहन विभाग ने खुद अपने प्रवर्तन तंत्र को मजबूत बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। जल्द ही रिटायर सैन्यकर्मियों की बहाली की जायेगी। पहले चरण में कम से कम 60 जवानों को तैनात किया जायेगा। इस योजना पर जल्द ही वित्त विभाग की मंजूरी ली जायेगी। प्रवर्तन पदाधिकारियों की तैनाती का मामला गृह, पुलिस मुख्यालय और परिवहन विभाग के बीच कई वर्षो सेड्ढr अटका है।ड्ढr ड्ढr सूत्रों के अनुसार नियमों को तोड़ने वाले वाहनों से जुर्माना वसूलने के लिए गठित प्रवर्तन तंत्र में अफसरों और जवानों की कमी हैं। परिवहन विभाग कई बार गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर 110 पुलिस पदाधिकारी और 200 पुलिस बलों की मांग कर चुका है लेकिन बात नहीं बनी। अब वाहनों की जांच प्रभावित होते देख विभाग ने प्रवर्तन तंत्र को मजबूत बनाने की कवायद शुरू की है। कांट्रैक्ट पर बहाल होने वाले सैन्यकर्मियों को प्रत्येक माह 6000 रुपये मानदेय देने का प्रस्ताव है। सूत्रों के अनुसार अगर बहाली में अड़चन नहीं आयी तो अगले वित्तीय वर्ष में विभाग को कम से कम 50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होगी। चालू वित्तीय वर्ष में विभाग द्वारा हरेक प्रवर्तन पदाधिकारी को एक करोड़ रुपये राजस्व वसूली का व्यक्ितगत लक्ष्य दिया गया है।ं

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