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देशभर में खुलेंगे 1,000 नए पॉलीटेक्िनक

आम चुनावों की तैयारियों में जुटी केंद्र सरकार ने शिक्षण-प्रशिक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। प्रशिक्षित कामगार तैयार करने के लिए केंद्र सरकार ने एक हजार नए पालीटैक्िनक स्थापित करने का फैसला किया है। ये पालीटैक्िनक उन पिछड़े हिस्सों में खोले जाएंगे जहां अभी तक ऐसे संस्थान नहीं खुल पाए हैं। प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। कैबिनेट के फैसले के अनुसार नौजवानों को विभिन्न प्नकार के रोजगारपरक प्रशिक्षण कोर्सउपलब्ध कराने के लिए पालीटैक्िनक उप मिशन शुरू किया जाएगा। अगले दस सालों के दौरान इस परियोजना पर कुल 6,828 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नए पालीटैक्िनक खोलने में पिछड़े और उपेक्षित इलाकों का विशेष ध्यान दिया जाएगा। नए खुलने वाले 1,000 पालीटैक्िनक में से 300 की स्थापना के लिए केंद्र सरकार प्रति पालीटैक्िनक 12.3 करोड़ की सहायता देगी। जबकि 300 पालीटैक्िनक निजी क्षेत्र की मदद से खोले जाएंगे। इनके लिए प्रति केंद्र 3 करोड़ रुपये सरकार देगी। बाकी 400 पालीटैक्िनक पूरी तरह से निजी क्षेत्र की मदद से स्थापित होंगे। इसके अलावा पहले से चल रहे 500 पालीटैक्िनक को आधुनिक बनाने के लिए प्रति केंद्र 2 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे। इससे इन केंद्रों में नए ट्रेड शुरू होंगी और अन्य सुविधाएं जुटाई जाएंगी। इसके अलावा 500 पालीटैक्िनक केंद्रों में महिला हॉस्टल खोलने के लिए एक-एक करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। जबकि 1,000 कम्युनिटी पालीटैक्िनकों को अपग्रेड करने के लिए 737.82 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में दूसरा महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए कैबिनेट ने प्रदूषित कार्य में जुटे बच्चों को पढ़ाई की ओर आकर्षित करने के लिए उनकी प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप में बढ़ोत्तरी की है। इसके लिए 11वीं योजना में कुल 340 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इस साल 54 करोड़ रुपये इस मद में खर्च होंगे। योजना के तहत मासिक छात्रवृत्ति 75 रुपये से बढ़ाकर 375, वार्षिक 600 से 1,000 (हॉस्टल छात्रो के लिए) की गई है। एक अन्य फैसले में कैबिनेट ने प्रौढ़ शिक्षा के लिए गैर सरकारी संगठनों को सहायता की योजना को 11वीं योजना में जारी रखने का फैसला किया है। लेकिन इसे नई योजना ‘स्कीम ऑफ सपोर्ट टू वालंटरी एजेंसीज फॉर एडल्ट एजुकेशन’ के साथ मर्ज कर दिया गया है। जबकि अभी यह योजना जन शिक्षण संस्थान के नाम से चल रही थी। इसके अलावा कैबिनेट ने एकीकृत ऊर्जा नीति को भी मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके तहत क्रियान्वित की जाने वाली योजनाओं की निगरानी और समीक्षा के लिए कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में एक मानीटरिंग कमेटी बनाने पर भी सहमति दी गई है।

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