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सूबे में 66 लाख दम्पति के तीन से ज्यादा बच्चे

बिहार में परिवार नियोजन का बैकलॉग कम नहीं हो रहा है। राज्य में 66 लाख दम्पत्ति ऐसे हैं जो तीन से अधिक बच्चों के माता-पिता हैं। पिछले वर्ष ऐसे दम्पत्तियों में सिर्फ तीन लाख का ही बंध्याकरण किया गया। जनसंख्या नियंत्रण के लिए जन जागरूकता और सेवाएं प्रदान करने की आवश्यकता है। इस दिशा में जनजागरूकता के लिए जननी द्वारा त्रमासिक पत्रिका ‘मंथन’ प्रकाशन किया जाएगा।ड्ढr ड्ढr जननी द्वारा शुक्रवार को आयोजित बैठक में संस्था के रंजन पांडा ने बताया कि राज्य में परिवार नियोजन के क्षेत्र में सेवा देने के लिए 40क्लीनिक खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि पुरुष नसबंदी की स्थिति उत्साहजनक नहीं है। एनएफएचएस3 के आंकड़ों के अनुसार राज्य में सिर्फ 0.6 प्रतिशत पुरुष और 23.8 फीसदी महिलाएं नसबंदी कराती हैं। अनचाहे गर्भ और बच्चों में अन्तर रखने के लिए 1.3 फीसदी महिलाएं गर्भनिरोधक गोली जबकि 2.3 प्रतिशत पुरुष कंडोम का इस्तेमाल करते हैं।ड्ढr ड्ढr परिवार नियोजन के लिए सरकार की ओर से गर्भनिरोधक गोलई कंडोम, कॉपरटी, सुई आदि कई प्रकार की सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं जिसमें महिला और पुरुष अपनी आवश्यकता के अनुसार उसका चुनाव कर सकते हैं। बैठक में जननी की समन्वयक संगीता, पंकज कुमार सिंह के अलावा दिल्ली से आयीं वरीय पत्रकार स्वप्न मजुमदार और उषा राय ने भाग लिया।

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