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जनवरी से किरासन संकट के आसार

गरीबों के घरों का चूल्हा जनवरी में पड़ जायेगा ठंडा! केन्द्र से बिहार को जनवरी से मार्च तक का किरासन नहीं मिला है। बार-बार पत्राचार के बावजूद केन्द्र ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग यह समझ नहीं पा रहा है कि जनवरी में कैसे जलेगा करोड़ों घरों में चूल्हा और कैसे होगी रोशनी? शुक्रवार को पेट्रोलियम मंत्रालय को एक बार फिर से फैक्स भेजकर संभावित संकट की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया है। वैसे माह के पहले सप्ताह में भी मंत्रालय को पत्र भेजा गया था।ड्ढr ड्ढr गौरतलब है कि जन वितरण प्रणाली के तहत राज्य को प्रति माह 6.रोड़ लीटर किरासन मिलता है। अंत्योदय, अन्नपूर्णा, बीपीएल और एपीएल आबादी को ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में प्रति परिवार क्रमश: 3 और 2.5 लीटर किरासन बंटता है। पेट्रोलियम मंत्रालय हरक तिमाही के किरासन का आवंटन उससे एक माह पहले ही कर देता है। इसी आधार पर राज्य सरकार ने 10 तारीख तक 60 प्रतिशत, 17 तारीख तक 85 प्रतिशत और 25 तारीख तक 100 प्रतिशत किरासन उठाने की व्यवस्था की है। अब जबकि किरासन का आवंटन नहीं हुआ तो जनवरी में इसका उठाव कैसे होगा? हालांकि राज्य के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री कहते हैं, इस मामले में बराबर पत्राचार हो रहा है। उम्मीद है कि दो-तीन दिनों में आवंटन मिल जायेगा। हर जिले में पुलिस प्रवक्ता नियुक्त होंगेड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। वारदातों पर चुप्पी साधने का पुलिसिया अंदाज बदल रहा है। पुलिस अब चुप नहीं रहना चाहती बल्कि‘वोकल’ होगी। मुख्यालय स्तर से करीब तीन साल पहले इसकी शुरूआत हुई थी और अब यह सिस्टम जिलों में भी काम करगा। मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को प्रवक्ता नियुक्त करने का निर्देश दिया है।ड्ढr कहा गया है कि हर महत्वपूर्ण घटना की जानकारी एसपी या तो खुद देंगे या फिर जिलों में डीएसपी स्तर के एक अफसर को यह जिम्मेवारी सौंपी जाएगी। मकसद है जनता और पुलिस के बीच संवादहीनता को कम करना। डीजीपी डी.एन.गौतम का भी इस बात पर जोर रहा है कि पुलिस की बेहतर छवि पेश की जाए और जनता-पुलिस के बीच आपसी सहयोग बढ़े। इसी क्रम में सभी थानेदारों को महीने के पहले शनिवार को जन संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। दरअसल पुलिस अब गुंडों-बदमाशों की गिरफ्तारी और एनकाउंटर की खबरों में ही नहीं बनी रहना चाहती। अब हर उस काम को प्रचारित करने की मुहिम शुरू की जा रही है जिससे जनता में यह भरोसा जगे कि पुलिस की छवि बदल रही है।ड्ढr इसको ध्यान में रखकर खासकर नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास कार्यो में पुलिस की भूमिका को जनता के सामने लाने का भी प्रयास हो रहा है।ं

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  • Web Title: जनवरी से किरासन संकट के आसार