DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

न्यायाधीश यादव के खिलाफ नोटिस जारी

सीबीआई की विशेष अदालत ने वर्ष 2008 के कैश एट डोर घोटाला मामले में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश निर्मल यादव को बुधवार को फिर से सम्मन जारी किया। इससे पहले उन्हें व्यक्तिगत तौर पर अदालत में पेश होने का नोटिस जारी नहीं किया जा सका था।

जमानत पर रिहा इस मामले के चार अन्य आरोपी अदालत में मौजूद थे जबकि सेवानिवृत्त यादव आज अदालत में पेश नहीं हुई। सीबीआई की विशेष अदालत ने उनके लिये नया नोटिस जारी करते हुये मामले की सुनवाई को 9 जुलाई तक के लिये स्थगित कर दी।

उनकी अदालत में उपस्थित होने संबन्धी पहले जारी की गयी नोटिस उनके गुड़गांव स्थित निवास पर नहीं दिया जा सका था।

विशेष न्यायाधीश रितू टैगोर ने अन्य चारों आरोपियों का आरोप पत्र मिलने की बात कहते हुए दिया गया साक्षा हस्ताक्षरित बयान लिया।

न्यायाधीश निर्मल यादव के खिलाफ आरोप पत्र में बताये गये अपराध पर संज्ञान लेते हुये सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ने 30 अप्रैल को नोटिस जारी किया था जिसके मुताबिक आज उन्हें और अन्य आरोपियों को अदालत में पेश होना था। चार मार्च को न्यायाधीश यादव के सेवानिवत्त होने के मात्र कुछ घंटे बाद सीबीआई ने उनके और अन्य लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।

सीबीआई ने छह अप्रैल को इस मामले से संबंधित सबूत के तौर पर 126 पन्नों का दस्तावेज सौंपा था।

सीबीआई के सौंपे गये दस्तावेज में यादव के अलावा बर्खास्त किये गये पंजाब के सालिसिटर जनरल संजीव बंसल, होटल व्यवसायी रविंदर सिंह, राजीव गुप्ता और निर्मल सिंह का नाम शामिल था।

गौरतलब है कथित घोटाला सामने आने के दौरान यादव पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में न्यायायधीश थीं। सीबीआई ने न्यायाधीश यादव और चार अन्य आरोपियों के खिलाफ कथित आपराधिक षडयंत्र और भ्रष्टाचार को लेकर आरोप पत्र दायर किया था। बाद में यादव को उत्तराखंड स्थानांतरित कर दिया गया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:न्यायाधीश यादव के खिलाफ नोटिस जारी