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घाटिशला प्रखंड मुख्यालय से लगभग 12 किमी. दूर उल्दा गांव में मनरेगा योजना के तहत खुदाई के दरान कुआं धंसने से तीन मजदूरों की अकाल मृत्यु हो गई। यह घटना मंगलवार की प्रात: लगभग साढ़े आठ बजे की है।

उल्दा गांव में मनरेगा के तहत 35 फुट गहरे कुएं की खुदाई 1.50 लाख रुपए की लागत से हो रही थी। खुदाई का काम लगभग पूरा हो चुका था और ईंट-सीमेंट-बालू से कुएं की जोड़ाई होनी थी। जोड़ाई से पहले कुएं में जमा पानी निकालने के लिए पम्पिंग सेट लगाया गया था। कुएं के पास छोटी सी नाली बना दी गई थी। पानी बहने के कारण कुएं के पास की मिट्टी गिली हो गयी और वह अचानक धंस गई।

फलस्वरूप कुएं के अंदर काम करने वाले चार में से तीन मजदूर जिंसमें एक मिहला थी, दब गए। इससे उनकी मौत हो गई। मरने वाले के नाम क्रिटी सिंह (35), जरीबाला सिंह (45) एवं फूलचांद (50) हैं। इस घटना में छिवरानी नाम की एक किशोरी मजदूर ही जीवित बच पायी। खबर पाकर जिंले के पुलिस एवं प्रशासिनक अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात देखकर आनन-फानन में यूसील कम्पनी से रेस्क्यू टीम बुलायी।

यूसील का बचाव दल दोपहर 12 बजे से शवों को बाहर निकलाने में जुटा है। शाम के लगभग सात बजे महिला मजदूर जरीबाला का शव बाहर निकालने में कामयाबी मिली। शेष दो पुरुष मजदूरों के शव अब भी मिट्टी के बीच फंसे हैं।

मृतकों के परिजन को 35 हजार मुआवजा : बीडीओ

घाटिशला के बीडीओ संदीप अनुराग टोपनो ने मौके पर उस्थित ग्रामीणों को बताया कि मृतकों के पिरजनों को 35 हजार रुपए बतौर मुआवजा सरकार की ओर से दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मनरेगा योजना के तहत 25 हजार की राशि मिलेगी तो दस हजार रुपए सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत दी जाएगी।

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  • Web Title:मिट्टी धंसने से तीन मजदूरों की मौत