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समय प्रबंधन और सटीक जवाब से होगा बेड़ा पार

समय प्रबंधन और सटीक जवाब से होगा बेड़ा पार

आईपी यूनिवर्सिटी बीबीए प्रवेश परीक्षा

गुरु गोबिन्द सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय में बीबीए यानी बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में दाखिले के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा के लिए उलटी गिनती शुरू हो गई है। यह परीक्षा हजारों छात्रों की तार्किक और विश्लेषणात्मक क्षमता की परख करेगी। ढाई घंटे की यह परीक्षा दिल्ली के विभिन्न सेंटरों पर होगी। इसमें 20 हजार से भी अधिक छात्र हिस्सा लेंगे। इसके आधार पर छात्रों को बीबीए जनरल से लेकर स्पेशलाइजेशन वाले कोर्स में दाखिले मिलेंगे। स्पेशलाइजेशन में कंप्यूटर एडेड मैनेजमेंट, बैकिंग एंड इंश्योरेंस, टूर एंड ट्रैवल मैनेजमेंट, मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट और इंटरनेशनल हॉस्पिटेलिटी कोर्स शामिल हैं। कुल सीटें करीब 4800 हैं।

प्रवेश परीक्षा की रूपरेखा

प्रवेश परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रश्नों पर आधारित है। इसमें मुख्य रूप से चार भागों से प्रश्न पूछे जाएंगे। पहला अंग्रेजी भाषा और कॉम्प्रिहेंशन का है। दूसरा सामान्य ज्ञान, तीसरा तार्किक और विश्लेषणात्मक योग्यता की परख करने वाला है। चौथे भाग में प्रबंधन और संचार एप्टीटय़ूड से जुड़े सवाल होंगे। इसमें सभी प्रश्नों के चार विकल्प दिए जाएंगे। सही विकल्प के आगे छात्रों को अपना उत्तर देना होगा। चारों भागों के लिए एक समान अंक निर्धारित किए गये हैं, यानी 25-25 फीसदी अंक। हरेक प्रश्न चार अंक का होगा। लेकिन इसमें निगेटिव अंक का भी प्रावधान है। अगर प्रश्न का जवाब गलत दिया गया तो इसमें से एक अंक कट जाएगा। एक और बात यह कि प्रवेश परीक्षा का माध्यम अंग्रेजी है, इसलिए अंग्रेजी भाषा की आधारभूत जानकारी जरूरी है।
 
तैयारी की रणनीति

परीक्षा में छात्रों से कठिन सवाल नहीं पूछे जाते। कोर्स कोऑर्डिनेटर एडी लाम्बा की मानें तो परीक्षा में बैठने से पहले छात्रों को समय प्रबंधन और तार्किक ढंग से लेकर सही जवाब देने की कला आना महत्त्वपूर्ण है। आमतौर पर इनमें सवाल 12वीं स्तर के होते हैं। लेकिन इसमें ढाई घंटे के अंदर सभी सवाल कैसे हल किए जाएं, इस चुनौती का सामना करना या इससे निपटना महत्त्वपूर्ण है। सभी सवाल करने के चक्कर में छात्र अक्सर यह भूल जाते हैं कि प्रश्न का सही उत्तर दिया या नहीं। परीक्षा में सबसे पहले उन्हीं प्रश्नों का जवाब देना चाहिए, जिनको लेकर यह आत्मविश्वास हो कि दिया जा रहा उत्तर सही है। जो प्रश्न नहीं आते या जिनके उत्तर को लेकर संशय है, उनसे बचने की कोशिश करनी चाहिए।

परीक्षा में समय प्रबंधन की रणनीति अपनानी जरूरी है। अगर ढाई घंटे के अंदर डेढ़ सौ सवाल हल करने हैं तो हरेक सवाल पर कितना समय देना है, इसका ख्याल शुरू से ही रखना चाहिए। किसी पर ज्यादा और किसी पर कम समय देने से छात्रों को प्रश्नपत्र पर पूरी तरह ध्यान एकाग्र करने में खासी दिक्कत आती है। विश्वविद्यालय में बीबीए एलएलबी का भी कोर्स है। इसकी प्रवेश परीक्षा 22 मई को है। इसमें लीगल एप्टीटय़ूड के सवाल खास भूमिका निभाते हैं, इसलिए इसमें शामिल होने वाले छात्रों को लीगल की बेसिक जानकारी होनी चाहिए।

परीक्षा में बेहतर स्कोर करने के लिए छात्रों को प्रैक्टिस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कम समय में किसी प्रश्न का उत्तर देने के लिए दिमाग में शॉर्टकट में हल करने का फॉमरूला आत्मसात करना चाहिए। रीजनिंग और एनेलिटिकल भाग में इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

अंग्रेजी भाषा से जुड़े सवाल में आमतौर पर छात्रों से शब्दावली, वाक्य विन्यास और पैराग्राफ देकर उनके अंदर से सवाल पूछे जाते हैं। इसके लिए एकाग्र होकर पैराग्राफ को पढ़ना जरूरी है। समानार्थक और विपरीतार्थक शब्दावली भी पूछी जाती है।

कोचिंग की भूमिका

अगर आप पढ़ाई को लेकर गंभीर हैं तो कोचिंग की जरूरत नहीं है, लेकिन बहुत सारे छात्रों को यह मददगार भी है, क्योंकि इससे रेगुलर प्रैक्टिस जारी रहती है। कोचिंग के दौरान प्रश्न भी हल करा कर देखे जाते हैं, जिससे छात्रों में आत्मविश्वास जगता है। वहां तय अवधि में प्रश्नपत्र हल करने की कला सिखाई जाती है।
 
काउंसलिंग

इसमें छात्रों की मेरिट के आधार पर उन्हें सही संस्थान आवंटित करने की कोशिश की जाती है। प्रमाणपत्रों की जांच की जाती है। यहां किसी भी तरह का साक्षात्कार या समूह चर्चा आयोजित नहीं की जाती।

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