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पीएम ने एनडीए से कहा, कुछ भी असंवैधानिक नहीं होगा

पीएम ने एनडीए से कहा, कुछ भी असंवैधानिक नहीं होगा

कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश करने वाले राज्यपाल हंसराज भारद्वाज के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए राजग नेताओं ने सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से राज्यपाल को वापस बुलाए जाने की मांग की जबकि प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि कर्नाटक में कुछ भी असंवैधानिक नहीं होगा।

केंद्र ने स्पष्ट संकेत दिया कि ऐसा हो सकता है कि वह राज्यपाल की कल भेजी गई रिपोर्ट की सिफारिशों पर कार्रवाई नहीं करे जिसमें उच्चतम न्यायालय की ओर से 11 विधायकों के निलंबन को खारिज करने के निर्णय के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का सुझाव दिया है।

कर्नाटक मुद्दे पर राष्ट्रीय राजधानी और बेंगलूर में गहमागहमी भरे दिन में भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के नेतत्व में राजग शिष्टमंडल ने आज प्रधानमंत्री से मुलाकात की। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद आडवाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनी और भरोसा दिलाया कि कर्नाटक में कुछ भी असंवैधानिक नहीं होगा।

शिष्टमंडल ने मांग की कि सरकार को राज्यपाल को वापस बुलाने की प्रक्रिया शुरू कर देनी चाहिए क्योंकि उन्होंने बार बार संविधान का उल्लंघन किया है। इससे पहले, आज आडवाणी के आवास पर हुई राजग की बैठक में राज्यपाल के कदम की आलोचना करते हुए उनकी राष्ट्रपति शासन लागू करने की रिपोर्ट को खारिज कर दिया गया। भाजपा ने इस विषय को कल राष्ट्रपति के समक्ष रखने का भी निर्णय किया है। भाजपा ने मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा से अपने समर्थक विधायकों की राष्ट्रपति के समक्ष परेड कराने को कहा है।

इस बीच, मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के नेतृत्व में विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं। इन्हें राष्ट्रपति ने कल मिलने का समय दिया है। येदियुरप्पा के अपने समर्थक 121 सदस्यों की परेड कराने की उम्मीद है।

राज्यपाल और केंद्र पर दबाव बनाने के प्रयास के तहत राज्य सरकार ने राज्यपाल से जून में विधानसभा का सत्र बुलाने का आग्रह किया है ताकि वह अपना बहुमत साबित कर सकें।

बहरहाल, केंद्र सरकार के शीर्ष आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि राज्यपाल की रिपोर्ट पर सभी प्रक्रियाओं का पालन किया जायेगा और गृह मंत्रालय इस मामले में कार्रवाई करने की जल्दी में नहीं है। सूत्रों ने कहा कि सरकार के एक वर्ग में ऐसी समझ है कि राज्यपाल ने जल्दबाजी में रिपोर्ट भेजी है और जरूरत से ज्यादा आगे बढ गए हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच अहम की लड़ाई है और राज्यपाल की ओर से उच्चतम न्यायालय के निर्णय के दो दिन बाद ही अपनी रिपोर्ट भेजने का यह एक कारण हो सकता है।

बहरहाल, प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद आडवाणी ने कहा कि येदियुरप्पा को बहुमत प्राप्त है, ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करना गलत है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने संविधान के खिलाफ काम किया है, इसलिए उन्हें तत्काल वापस बुलाया जाना चाहिए।

इससे पहले, राजग की बैठक के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कहा  राजग केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजने के कर्नाटक के राज्यपाल के कदम की कड़ी निंदा करता है। राज्यपाल का आचरण पक्षपातपूर्ण है। यह सभी संवैधानिक नियम कायदों और सिद्धांतों का उल्लंघन है। इस बात में तनिक भी संदेह नहीं है कि येदियुरप्पा सरकार को विधानसभा में पूर्ण बहुमत प्राप्त है।

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के मद्देनजर भाजपा के 11 निलंबित विधायकों की सदस्यता बहाल हो गई है और वे उसके व्हिप से बंधे हुए हैं।

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