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लादेन की घायल बीवी की रिहाई का अनुरोध

पाकिस्तान के एबटाबाद में अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई में गोली लगने से घायल हुई सबसे छोटी बीवी अमाल के भाई जकारिया अल सदा ने पाकिस्तान से उसकी बहन को रिहा करने का अनुरोध किया है।

समाचार पत्र ‘द टेलीग्राफ’ में रविवार को प्रकाशित एक साक्षात्कार में सना युनिवर्सिटी में जनसंचार पाठय़क्रम के तृतीय वर्ष के विद्यार्थी अल सदा (24) ने कहा है कि चूंकि लादेन मर चुका है, लिहाजा उसकी बहन अमाल (29) को पाकिस्तान में रखने का कोई औचित्य नहीं है। अल सदा ने यह साक्षात्कार यमन की राजधानी सना में एक कैफे में दिया था। सदा ने कहा, ‘अमाल को उसके परिवार में लौट आना चाहिए।’

ज्ञात हो कि दो मई को एबटाबाद में लादेन के ठिकाने पर अमेरिकी कार्रवाई के दौरान अमाल को पैर में गोली लग गई थी। उसे फिलहाल इस्लामाबाद के निकट एक सैन्य अस्पताल में रखा गया है। उत्तरी यमन के इब्ब स्थित अमाल के परिवार ने पाकिस्तान एवं यमन सरकार से आग्रह किया है कि अमाल को लादेन के बच्चों सहित घर लौटने की अनुमति दी जाए। अमाल का लादेन से 1999 में  निकाह हुआ था। तब से परिवार की उससे बातचीत नहीं हुई है।

लादेन से अमाल का निकाह रसदा मोहम्मद सईद नामक व्यक्ति ने तय कराया था। वह अबु अल-फिदा के नाम से भी जाना जाता है। वह फिलहाल अरब प्रायद्वीप में अलकायदा का सदस्य है। सदा ने कहा है कि परिवार को लादेन के बारे में जानकारी थी, लेकिन इस निकाह को लेकर परिवार को कोई आपत्ति नहीं थी। निकाह 11 सितम्बर, 2001 को अमेरिका में हुए हमलों के पहले हुआ था।

उस समय यमन के लोग लादेन को इस्लामिक योद्धा के रूप में जानते थे, क्योंकि उसने अफगानिस्तान में रूस के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। अल सदा ने कहा, ‘1999 में लादेन एक स्वतंत्रता सेनानी के रूप में जाना जाता था, क्योंकि उसने सोवियत कब्जे के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। यह 11 सितम्बर के पहले का वाकया है। इसीलिए मेरे अब्बा ने इस शादी को मंजूरी दी थी। उस समय वह वांछित  नहीं था। कोई भी उसे आतंकवादी नहीं मानता था।’

अमाल शादी के लिए अफगानिस्तान गई और जल्द ही दोनों को बच्ची साफिया पैदा हुई। अल सदा ने कहा, ‘अमाल बहुत दयालु और विनम्र रही है। वह मेरे माता-पिता की पसंदीदा बेटी थी और मुझे याद है कि वह हम लोगों को किस तरह जुटा कर अच्छे इस्लामिक तौर-तरीके समझाया करती थी और सिखाती थी कि दूसरों के प्रति कैसे दयालु होना चाहिए।’

उसने कहा, ‘मेरी मां लगातार आंसू बहा रही है। पहले-पहल खबर थी कि वह मारी गई है और हमारा परिवार गहरे दुख में डूब गया। हालांकि हम जानते हैं कि यदि अमेरिका को अमाल से छुटकारा पाना होता, तो वह लादेन के साथ उसे भी मार डालता। यह बात से हमें थोड़ा ढांढस बंधा है।’

अल सदा ने कहा, ‘अमाल का अलकायदा या किसी भी तरह के आतंकवाद से कुछ वास्ता नहीं है। कोई भी कानून उसके खिलाफ अभियोग नहीं लगा सकता और अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार उसे परिवार के पास लौट जाना चाहिए।’

अल सदा ने कहा कि उनके परिवार को नहीं मालूम कि अमाल और लादेन के कितने बच्चों हैं। उन्हें सिर्फ एक ही बच्चों की जानकारी है लेकिन उन्हें संदेह है कि हवेली में 12 अन्य बच्चों में से कम से कम एक और बच्चा अमाल का है। उसने कहा, ‘यह मानवीय स्थिति है- इन बच्चों ने अपनी आंखों के सामने अपने पिता को मारे जाते देखा है और उन्हें मनोचिकित्सक की सहायता की जरूरत है। अमाल को भी गोली मारी गई है और उसके पास हथियार होने का प्रश्न ही नहीं उठता।’

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  • Web Title:लादेन की घायल बीवी की रिहाई का अनुरोध