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कीमतों में और कमी आएगी : प्रणब

कीमतों में और कमी आएगी : प्रणब

मुद्रास्फीति में गिरावट का रुख बने रहने का स्वागत करते हुए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को कहा कि खाद्यान्नों के भडांरण में वृद्धि होने और विनिर्मित वस्तुओं की लागत में कमी आने के परिणामस्वरूप आने वाले महीनों में कीमतें और नीचे आएगी।
 
मुखर्जी ने अप्रैल में मुद्रास्फीति में कमी आने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि समीक्षाधीन अवधि में खाद्यान्नों के साथ ही विनिर्मित वस्तुओं की कीमतें नीचे आई है जो अच्छा संकेत है। इसके जारी रहने पर आगामी महीनों में इसमें और कमी आएगी।
थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर इस वर्ष अप्रैल में घटकर 8.66 प्रतिशत पर रही, जबकि मार्च 2011 में यह 9.04 प्रतिशत पर रही थी।

मासिक आधार पर खाद्य पदार्थों की कीमतें मार्च की तुलना में 0.71 प्रतिशत घटकर 9.47 प्रतिशत पर रही, जबकि विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई दर इस अवधि में 6.50 प्रतिशत से घटकर 6.18 प्रतिशत रही। वित्त मंत्री ने पेट्रोल की कीमता पांच रुपए प्रति लीटर बढा़ए जाने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों को प्रशासनिक नियंत्रण से मुक्त कर दिया गया और तेल विपणन कंपनियों को कीमतों में वृद्धि के बारे में निर्णय लेना होता है।
 
उन्होंने कहा कि किस समय पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढा़नी है उसके संबंध में तेल विपणन कंपनियां निर्णय लेती है। जब इसे प्रशासनिक नियंत्रण से मुक्त किया गया तब यह तेल विपणन कंपनियों पर छोड़ दिया गया।

ऐसा माना जा रहा है कि तेल विपणन कंपनियों ने पांच राज्यों तमिलनाडु, पुड्डुचेरी, पश्चिम बंगाल, केरल और असम में संपन विधानसभा चुनावों के मद्देनजर गत जनवरी से पेट्रोल की कीमतें नहीं बढा़ई थी। इस बीच देश का खाद्यान्न भंडार गत एक अप्रैल को सरकार की अतिरेक भंडार दो करोड़ 12 लाख टन की तुलना में दो गुना से अधिक बढ़कर चार करोड़ 41 लाख 80 हजार टन हो गया।

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