DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कैरेबियाई धरती पर क्या फिर चलेगा भारत का जी-फैक्टर

कैरेबियाई धरती पर क्या फिर चलेगा भारत का जी-फैक्टर

क्या सुनील गावस्कर, सौरव गांगुली और ग्रेग चैपल की तरह गौतम गंभीर भी कैरेबियाई सरजमीं पर भारत के लिए भाग्यशाली साबित होंगे। भारतीय टीम वेस्टइंडीज में जब भी द्विपक्षीय सीरीज खेलने के लिए गई तो ग शब्द या यूं कहें कि जी फैक्टर ने उसके पक्ष में काम किया।

भारत ने नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी सहित प्रमुख खिलाड़ियों को विश्राम दिया है। ऐसे में गंभीर को वनडे टीम की कमान सौंपी गई है जिनके नाम में ग या अंग्रेजी का जी शब्द दो बार आता है। असल में इससे पहले कैरेबियाई दौरों में इस शब्द का खिलाड़ी, कप्तान या कोच भारत के लिए भाग्यशाली रहा। कैरेबियाई सरजमीं पर भारत ने पहली टेस्ट सीरीज 1971 में जीती थी। तब भारतीय टीम में सुनील गावस्कर थे जिन्होंने उसी दौरे में टेस्ट मैचों में पदार्पण किया था। गावस्कर ने उस सीरीज के चार मैच में रिकार्ड 774 रन बनाए थे और वह भारत की इस एतिहासिक जीत के नायक बने थे।

इसके बाद भारत ने जब वेस्टइंडीज से पहली बार वनडे सीरीज जीती थी तो टीम की कमान सौरव गांगुली के हाथों में थी। यह 2002 की सीरीज थी जिसमें भारत ने 2-1 से जीत दर्ज की थी। गांगुली की ही कप्तानी में भारत ने वेस्टइंडीज में टेस्ट मैचों में लगभग 16 साल से चले आ रहे जीत के सूखे को खत्म किया था।

भारत ने 2002 में पोर्ट आफ स्पेन टेस्ट मैच 37 रन से जीतकर 1976 के बाद पहली बार कैरेबियाई सरजमीं में टेस्ट मैच जीता था। जहां तक सीरीज जीतने की बात है तो भारत 1971 के बाद 2006 में ही वेस्टइंडीज में यह कारनामा कर पाया था। तब भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ थे लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि तब टीम के कोच ग्रेग चैपल हुआ करते थे।

वैसे, इंडियन प्रीमियर लीग के तुरंत बाद वेस्टइंडीज के लिए रवाना होने वाली भारतीय टीम कैरेबियाई सरजमीं पर अपना रिकार्ड सुधारने की कोशिश करेगी। भारत को चार जून से दस जुलाई तक चलने वाले दौरे में वेस्टइंडीज से एक टवेंटी20, पांच वनडे अंतरराष्ट्रीय और तीन टेस्ट मैच खेलने हैं। वेस्टइंडीज की टीम भले ही पाकिस्तान पर पहले टेस्ट मैच में जीत के बाद उत्साह से लबरेज है लेकिन भारत के पास कैरेबियाई धरती पर अपना रिकार्ड सुधारने का यह सुनहरा अवसर होगा।

कैरेबियाई धरती पर भारत ने अब तक 27 वन डे मैच खेले हैं जिनमें से केवल आठ में उसे जीत और 18 में हार मिली। इनमें से 24 मैच भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज से खेले और इनमें से वह केवल सात में ही जीत दर्ज कर पाया जबकि 16 मैच में उसे पराजय झेलनी पड़ी।

इसी तरह से टेस्ट मैच में भारत ने कैरेबियाई धरती पर कुल 42 टेस्ट मैच खेले हैं लेकिन इनमें से केवल चार मैच में ही उसने जीत का स्वाद चखा। बाकी 38 मैचों में से 16 वेस्टइंडीज की झोली में गए जबकि बाकी 22 मैच ड्रा समाप्त हुए।

भारत ने हालांकि पिछले दस साल में वेस्टइंडीज में अपने रिकार्ड में कुछ सुधार किया है। टेस्ट मैचों में उसने पिछले दस साल में वहां नौ टेस्ट मैच खेले जिसमें दोनों टीमों ने समान दो-दो मैच जीते। इससे पहले केवल सत्तर के दशक में ही भारतीय टीम वेस्टइंडीज को उसकी धरती पर बराबरी की टक्कर दे पाई थी।

वनडे में भारत का पिछले दस साल में कैरेबियाई धरती पर रिकार्ड हालांकि आकर्षक नहीं रहा। इस बीच भारत ने वहां 15 मैच खेले जिसमें से आठ में उसे हार और छह में जीत मिली। यह अलग बात है कि द्विपक्षीय सीरीजों में उसने पांच मैच में जीत दर्ज की जबकि छह में उसे हार झेलनी पड़ी।

भारत ने आखिरी बार 2009 में चार वनडे के लिए वेस्टइंडीज का दौरा किया था और तब महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में टीम ने 2-1 से जीत दर्ज की थी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:कैरेबियाई धरती पर क्या फिर चलेगा भारत का जी-फैक्टर