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राज्यपाल की रिपोर्ट पर मंथन

राज्यपाल की रिपोर्ट पर मंथन

गृह मंत्रालय कर्नाटक के राज्यपाल एचआर भारद्वाज की उस रिपोर्ट का निरीक्षण कर रहा है, जिसमें उन्होंने प्रदेश की येदियुरप्पा सरकार को बर्खास्त करने और वहां राष्ट्रपति शासन लगाने की अनुशंसा की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने पार्टी के 11 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने को रद्द करने का फैसला दिया था, जिसके बाद राज्यपाल ने यह रिपोर्ट दी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय इस बात का निरीक्षण कर रहा है कि राज्यपाल ने किस आधार पर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने और विधानसभा को निलंबित अवस्था में रखने की अनुशंसा की थी।

सूत्रों ने बताया कि इस बारे में एक टिप्पणी तैयार करके अंतिम फैसले के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष रखी जाएगी। उन्होंने इस बात का संकेत दिया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करने के लिए जल्दी ही बैठक करेगा।

राज्यपाल ने रविवार को केंद्र को एक विशेष रिपोर्ट भेजते हुए प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने और विधानसभा को निलंबित अवस्था में रखने की अनुशंसा की थी। कर्नाटक हाईकोर्ट ने भाजपा के 11 और पांच निर्दलीय बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने का फैसला दिया था, लेकिन न्यायालय ने इस फैसले को पलट दिया था। इसके बाद भारद्वाज की यह रिपोर्ट आई है।

दूसरी ओर येदियुरप्पा ने इस रिपोर्ट पर राज्यपाल पर हमला बोलते हुए राष्ट्रपति से अपील की कि वह राज्यपाल की अनुशंसाओं को ना मानें। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बागी विधायक उनकी सरकार को समर्थन दे रहे हैं और संकट खत्म हो चुका है।

येदियुरप्पा ने कहा कि भाजपा को सदन में बहुमत प्राप्त है और राज्यपाल कांग्रेस और जद (एस) के कहे अनुसार राजनीतिक खेल खेल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने इस बारे में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर उनसे अपील की है कि वे राज्यपाल की रिपोर्ट को स्वीकार न करें।

पार्टी नेता अरुण जेटली ने भी रविवार को कहा कि कर्नाटक विधानसभा में भाजपा के पास बहुमत है और 11 बागी विधायकों के लौटने के बाद उसके पास 224 सदस्यीय सदन में 121 विधायक हैं।

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