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नक्सली प्रभाव क्षेत्रों में मोबाइल टावर लगाने को लेकर बीएसएनएल व पुलिस मुख्यालय आमने-सामने हो गये हैं। नतीजा यह है कि बिहार के इन क्षेत्रों में मोबाइल टावर लगाने की योजना खटाई में पड़ गई है। केन्द्र सरकार ने टावर लगाने के लिए फंड भी मुहैया करा दिया है लेकिन इसे खर्च करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।

बीएसएनएल का कहना है कि पुलिस मुख्यालय ने अभी तक उनके प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं दी है और इधर पुलिस मुख्यालय का कहना है कि बीएसएनएल ने अभी तक उनके पास कोई प्रस्ताव नहीं भेजा है और न ही उसका कोई पत्र मिला है। पुलिस मुख्यालय पिछले साल जुलाई से ही बीएसएनएल से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में टावर लगाने के लिए अनुरोध कर रहा है लेकिन बीएसएनएल कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

दरअसल नक्सली क्षेत्रों में संचार व्यवस्था बहाल करने के लिए 259 मोबाइल टावर लगाने की योजना है ताकि नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। बिहार में प्रथम चरण में गया, जहानाबाद, औरंगाबाद, अरवल, मुंगेर, जमुई, सासाराम, भभुआ, शिवहर जिले शामिल हैं।

बीएसएनएल ने मार्च में ही पुलिस मुख्यालय से मोबाइल टावर लगाने के लिए जगह की प्राथमिकता सूची मांगी थी और मुख्यालय ने 66 जगहों की प्राथमिकता सूची बीएसएनएल को भेजी थी। नक्सली क्षेत्रों में मोबाइल टावर लगाने की योजना भारत सरकार के गृह मंत्रालय की है।

गृह मंत्रालय पूरे नक्सली क्षेत्रों में मोबाइल टावर का जाल बिछाना चाहता है ताकि नक्सलियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सके। गृह मंत्रालय ने इसके लिए संचार विभाग के साथ मिलकर रणनीति बनाई है। मोबाइल टावर लगाने के खर्च का वहन बीएसएनएल नहीं करेगा।

बीएसएनएल का कहना है कि नक्सली क्षत्रों में बीएसएनएल के उतने कस्टमर नहीं हैं जिससे टावर के खर्च का वहन किया जा सके। लिहाजा मोबाइल टावर लगाने के खर्च का वहन संचार विभाग करेगा। संचार विभाग यूनिवर्सल सर्विस ओब्लिगेशन फंड से इसका भुगतान करेगा। इधर बीएसएनएल मोबाइल टावर लगाने के पहले फूंक-फूंककर कदम रख रहा है और पुलिस मुख्यालय का सहयोग मांग रहा है।

मोबाइल टावर पर हो रहे नक्सली हमले से मोबाइल कंपनियों के होश उड गए हैं। बीएसएनएल को आशंका है कि अगर नक्सली क्षेत्रों में मोबाइल टावर लगाने का काम शुरू होगा तो नक्सली इस कार्य को बाधित करेंगे। नक्सली पहले से ही मोबाइल टावर को निशाना बना रहे हैं।

कुछ साल पहले औरंगाबाद जिले के देव में चार मोबाइल टावर को नक्सलियों ने उड़ा दिए थे। इसके पहले भी गया व जमुई जिले में नक्सलियों ने तीन मोबाइल टावर को ध्वस्त कर दिया था। बीएसएनएल ने पुलिस मुख्यालय के पास नक्सली क्षेत्रों में टावर लगाने का कोई प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय के पास नहीं भेजा है।

पुलिस मुख्यालय ही कई बार बीएसएनएल से टावर लगाने का अनुरोध कर चुका है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। के. एस. द्विवेदी, आईजी ऑपरेशन, पुलिस मुख्यालय पुलिस मुख्यालय बीएसएनएल के प्रस्ताव पर कोई सहमति नहीं भेज रहा है जिससे नक्सली क्षेत्रों में टावर लगाने की योजना खटाई में पड़ गई है। के. एन. राय, डीजीएम, बीएसएनएल

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  • Web Title:नक्सली क्षेत्रों में टावर लगाने को लेकर टकराव