DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ऊर्जा का अनंत स्रोत

ऊर्जा का अनंत स्रोत सूर्य सहस्राब्दियों से अनेक सभ्यताओं में पूजनीय रहा है। भारतीय संस्कृति में सूर्य को ऐसे रथ पर सवार बताया गया है जिसके घोड़े को सात लगामें खींचती हैं। सूर्य जिस रथ पर सवार है उसमें मात्र एक पहिया है। इस उल्लेख की एक यूनानी कथा भी पुष्टि करती है जिसमें तथ्य यों स्पष्ट है,‘मंद वायु बहने लगी है। पूरब में प्रकाश बढ़ता जा रहा है। इस समय उषा की देवी ‘एओस’ अपने स्वर्णिम हाथों से द्वार खोलती है जहां से तेजस्वी सूर्य देवता अपने रथ पर निकलने वाला है।

अब दोनों कथाओं और आधुनिक विज्ञान का संगम देखिए। पहले यूनानी शब्द ऐओस को ही लीजिए। क्या यूनानी एओस और वैदिक शब्द ‘उशस’ में समानता नजर नहीं आती जो आज के भौतिक विज्ञान के शब्द ऊष्मा का ही रूप है?

अब सात लगामों वाले घोड़े के रथ की चर्चा की जाए। आज का विज्ञान इस रहस्य को खोलता है और इसकी वैज्ञानिक सार्थकता ऊर्जा के रूप में बताता है। पुष्टि यों है कि सूर्य की सात किरणें ही उसकी सात लगाम हैं। सूर्य का प्रकाश देखने पर वस्तु रोशन करता सफेद माना जा सकता है। मगर मूलत: ऐसा नहीं है। उसमें सात रंग छिपे हुए हैं - बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल रंग विभिन्न तरंगदैर्ध्यों यानी वैज्ञानिक भाषा में विभिन्न वेव लैंथ में हैं।

जब यह सूर्य से चलकर गति लिए आता है तो तीव्रता इतनी है कि वह एक रंग हो जाता है। ठीक बिजली के उस गतिशील पंखे की तरह जिसमें तीन ब्लेड्स हैं मगर चलते समय नजर नहीं आते। ठीक इसी प्रकार सूर्य की किरणों में निहित विभिन्न तरंगदैध्र्य के रंग हैं। वैज्ञानिक पुष्टि है कि विभिन्न तरंगदैर्ध्य की एक अलग ऊर्जा होती है। वैज्ञानिक विश्लेषण से ज्ञात हुआ है कि सूर्य के प्रकाश में दृश्य विकिरण के अलावा दो अन्य प्रकार के विकिरण होते हैं जो अपार ऊर्जा समाए रहते हैं।

वैज्ञानिक भाषा में इसे इन्फ्रारेड और पराबैंगनी यानी अल्ट्रावायलेट विकिरण कहते हैं। माना कि इस विकिरण को देखा नहीं जा सकता, इन्हें महसूस किया जाता है, इनकी ऊष्मा का प्रभाव स्पष्ट होता है। यूनानी कथा में सूर्य यानी हीलियस देवता  अपनी समस्त शक्ति के साथ पृथ्वी पर आता है, उसे स्नेह से दुलारता है। यहां वैज्ञानिक स्वरूप यह है कि हीलियस का नामकरण हीलियम से मिलता-जुलता है। सूर्य के अंतरंग में समाई भीषण ऊष्मा में हाइड्रोजन गैस के परमाणु विखंडित होते हैं जो इसी प्रक्रिया में लगातार हीलियम में बदलते रहते हैं। इसी ऊष्मा स्रोत का मालिक हीलियस यानी सूर्य है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:ऊर्जा का अनंत स्रोत