DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

केरलः चांडी 18 मई को लेंगे शपथ

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ओमन चांडी 18 मई को केरल के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे और प्रदेश में इस प्रमुख पद के लिए कड़ी दौड़ की अटकलें खत्म हो गई है।

67 वर्षीय चांडी को कांग्रेस विधायक दल ने आम सहमति से आज अपना नेता चुन लिया। जिसके बाद यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) का नेतृत्व करते हुए प्रदेश में मुख्यमंत्री के तौर पर उनके दूसरे कार्यकाल का रास्ता साफ हो गया है। यूडीएफ ने प्रदेश विधानसभा में 72 सीटें जीतकर 68 सीटें जीतने वाले एलडीएफ को सत्ता से बाहर कर दिया है।

चांडी को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी महासचिव राहुल गांधी का समर्थन प्राप्त है और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रमेश चेन्निथला के शीर्ष पद की दौड़ से हटने के बाद वह अकेले दावेदार बचे हैं।
पार्टी पर्यवेक्षकों मोहसिना किदवई और मधुसूदन मिस्त्री की अध्यक्षता में 38 सदस्यीय कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद चेन्निथला ने घोषणा की कि चांडी सरकार का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें आम सहमति से चुना लिया गया है और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उनका समर्थन किया है।

कांग्रेस विधायक दल की बैठक से निकलने के बाद चांडी ने कहा कि यूडीएफ सरकार एक स्थिर और जनसमर्थक प्रशासन देगी। बाद में यूडीएफ नेताओं की बैठक में मुख्यमंत्री के तौर पर चांडी के चुनाव का समर्थन किया गया।

चांडी ने राज्यपाल आरएस गवई से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। चेन्निथला ने संवाददाताओं से बातचीत में इस तरह की सभी अटकलों को खारिज कर दिया कि वह चांडी के लिए चुनौती खड़ी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया के कुछ वर्ग में उनका नाम इस पद के दावेदार के तौर पर खींचे जाने से वह आहत हैं।

इससे पहले उन्होंने संकेत दिया था कि वह सरकार में शामिल नहीं होंगे लेकिन बतौर केरल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पार्टी को मजबूती देने और उसे एकजुट बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

अपने क्षेत्र पुथुपल्ली से लगातार 10वीं बार चुनाव जीतने वाले 67 वर्षीय चांडी मोर्चे के सहयोगी दलों के भी विश्वास प्राप्त नेता हैं। सरकार चलाने के लिए मोर्चे के सहयोगी काफी अहम हैं क्योंकि उसे 140 सदस्यीय विधानसभा में आधी से महज दो ही सीटें अधिक मिली हैं।

इससे पहले चांडी को 2004 में लोकसभा चुनाव में प्रदेश में पार्टी के खराब प्रदर्शन के मद्देनजर एके एंटनी के इस्तीफे के बाद प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया और 2006 तक वह इस पद पर रहे। संकेत यह हैं कि 20 सदस्यीय मंत्रिमंडल में मोर्चे के मुख्य सहयोगी दल को मुख्यमंत्री सहित 10 सीटें मिलेंगी। मोर्चे के दूसरे सबसे बड़े दल को चार और केरल कांग्रेस (एम) को तीन मंत्री पद मिलेंगे। एक-एक विधायक वाली केरल कांग्रेस (जैकब), केरल कांग्रेस (बी) और आरएसपी (बी) को भी कैबिनेट में जगह दी जा सकती है क्योंकि उनका समर्थन सरकार के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है।

निर्वतमान मुख्यमंत्री और माकपा के कद्दावर नेता वीएस अच्युतानंदन ने जनादेश स्वीकार करते हुए कल इस्तीफा दे दिया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:केरलः चांडी 18 मई को लेंगे शपथ