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राणा के मुकदमे से आईएसआई होगी बेनकाब

राणा के मुकदमे से आईएसआई होगी बेनकाब

पाकिस्तान में जन्मे कनाडाई नागरिक और 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों में डेविड हेडली के साथ सह आरोपी तहव्वुर राण के खिलाफ होने वाला मुकदमा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के आतंकवादियों से तार जुड़े होने का खुलासा कर सकता है। आईएसआई की कारगुजारियों के बारे में कोई भी सबूत अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों की खटास को और बढ़ा सकता है।

पचास वर्षीय राणा को पिछले साल 15 जनवरी को संघीय ग्रेंड ज्यूरी ने 12 आरोपों में आरोपित किया था। इनमें हमलों की योजना, हमलों को अंजाम देने के लिए लश्कर ए तैयबा को सहयोग मुहैया कराना और हमले के लिए मुंबई में लक्ष्यों की तलाश करने में हेडली को दिशानिर्देशित करने के आरोप शामिल हैं। राणा के खिलाफ शिकागो में कल से मुकदमे की शुरुआत होनी है।

अमेरिका ने पाकिस्तान पर इन सवालों का जवाब देने के लिए दबाव डाला है कि क्या आईएसआई ने ओसामा बिन लादेन को पनाह देने में भूमिका निभाई थी। राणा के खिलाफ मुकदमे में हेडली मुख्य गवाह होगा। माना जा रहा है कि वह संघीय अदालत में बयान के दौरान मुंबई हमले संबंधी अपनी जानकारी सार्वजनिक करेगा।

न्यूयार्क टाइम्स की खबर के अनुसार हेडली जो खुलासा करेगा उससे इस बात का संदेह और गहरा सकता है कि पाकिस्तानी जासूस आतंकवादियों से जुड़े हुए है। इससे अमेरिका और इस्लामाबाद के बीच संबंध और खराब होने की आशंका है।

राणा के पुराने मित्र हेडली ने दावा किया था कि मुंबई में हुए हमले के दो साल पहले ही से उसने हमले की जमीनी तैयारी शुरू कर दी थी। उसे पाकिस्तान की शक्तिशाली खुफिया सेवा के एक अधिकारी की ओर से 25 हजार अमेरिकी डालर मुहैया कराए गए थे।

न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार हेडली ने भारतीय जांचकर्ताओं को बताया था कि मेजर इकबाल के नाम से ज्ञात इस अधिकारी ने भारत पर हमले की उसकी पूरी योजना को सुना। इंटर सविर्सेज इंटेलिजेंस डायरेक्टरेट के एक अन्य अधिकारी ने उसे वित्तीय मदद का अश्वासन दिया था।

पाकिस्तान ने आईएसआई के बारे में हेडली के आरोपों को यह कहकर खारिज कर दिया था कि यह एक ऐसे व्यक्ति के हताश प्रयास है जो मौत की सजा से बचना चाहता है। एक अमेरिकी अधिकारी ने अपनी पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर अखबार को बताया कि इस बात पर कोई सहमति नहीं है कि क्या आईएसआई ने हेडली या मुंबई पर हुए हमलों को दिशानिर्देशित किया था।
    
अधिकारी ने कहा कि यह अभी स्पष्ट नहीं है। बहुत सारी बात मुकदमे में सामने आ सकती है। उसका दावा महज एक दावा हो सकता है। न्यूयार्क टाइम्स की खबर में कहा गया कि सरकार द्वारा हेडली को अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में पेश किए जाने से संकेत मिला है कि सरकार में कुछ लोगों को लगता है कि वह सत्य बोल रहा है। अधिकारियों ने कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि सरकार हेडली की कहानी के समर्थन में ईमेल और टेप की गई टेलीफोन वार्ता को पेश करेंगे।

अखबार ने कहा कि मुकदमे के दौरान आईएसआई की कारगुजारियों के बारे में यदि कुछ भी खुलासा हुआ तो उसकी गूंज वाशिंगटन में सुनाई देगी। पच्चीस अप्रैल को अमेरिकी अभियोजकों ने चार अतिरिक्त लोगों पर 26/11 के आतंकी हमलों के सिलसिले में आरोप लगाया था। चारो आरोपी पाकिस्तानी निवासी हैं।

मुंबई में 26/11 के आतंकी हमलों में छह अमेरिकियों सहित 166 लोग मारे गए थे। अमेरिकी अधिकारियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए अधिकतर सबूतों को गोपनीय बनाए रखा है।

सरकार ने मेजर इकबाल सहित अन्य लोगों के खिलाफ भी अमेरिकी नागरिकों की हत्या में मदद करने के आरोप लगाए हैं। आरोप में इन अधिकारियों को लश्करे तैयबा के सहयोगियों या कमांडरों के रूप में पेश किया गया है और उनका आईएसआई से कोई संबंध नहीं बताया गया है।

न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार अमेरिकी सत्ता प्रतिष्ठान में एक वर्ग यह प्रबल तर्क दे रहा है कि ऐबटाबाद में ओसामा के ठिकाने का पता लगने और हेडली मामले के सबूतों से अब इस बात का कोई संदेह नहीं है कि आईएसआई और उसके पाकिस्तानी सैन्य आकाओं ने अमेरिका के साथ पागलपन भरा दोहरा खेल खेला है।

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