DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

शराबियों ने भरी दिल्ली सरकार की पोटली

शराबियों ने भरी दिल्ली सरकार की पोटली

शराबियों ने दिल्ली सरकार की पोटली भर दी है। शराब की जबर्दस्त बिक्री के बल पर 2010-11 में अपने टैक्स वसूली में 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है।

अधिकारियों ने कहा कि सरकार ने अप्रैल, 2010 से मार्च, 2011 के बीच 2,027 करोड़ रुपए का एक्साइज ड्यूटी के रूप में जुटाए हैं। यह राशि इससे पिछले वित्त वर्ष के दौरान 1,644 करोड़ रुपए थी।

सरकार ने वित्त वर्ष की शुरुआत में 1,680 करोड़ रुपए की टैक्‍स वसूली का अनुमान व्यक्त किया था, जो 347 करोड़ रुपए तक बढ़ गया।

राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह एक जबर्दस्त बढ़ोतरी है। हमने राजस्व संग्रह प्रणाली में खामियों को दूर करने के लिए कई तरह की पहल की थी।

उन्होंने कहा कि पिछले साल राष्ट्रमंडल खेलों के लिए ढांचागत विकास में अनुमानित 16,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाने की वजह से दिल्ली सरकार वित्तीय दिक्कतों का सामना करती रही। राजस्व संग्रह बढ़ने से सरकार को इन दिक्कतों से निपटने में मदद मिलेगी।

पिछले नौ साल में शराब की बिक्री से राजस्व संग्रह काफी तेजी से बढ़ा है और 2000-01 में सरकार को इससे महज 560 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रह हुआ था।

वर्ष 2001-02 में शराब बिक्री से राजस्व संग्रह बढ़कर 606 करोड़ रुपए पहुंच गया और 2002-03 में यह बढ़कर 725 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। नकली शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने पिछले साल शराब की बोतलों पर बार कोड लगाने का निर्णय किया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:शराबियों ने भरी दिल्ली सरकार की पोटली