DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

टाइम बम की पड़ताल ठण्डे बस्ते में!

राजीव नगर और सैय्यद नगर विस्फोट के बाद किदवईनगर में टेम्पो में मिले टाइम बम की पड़ताल अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। दस दिन बाद भी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के हाथ खाली है। यूपी एटीएस के एक सूत्र ने कहा कि समुद्र में हाथ पैर मारे जा रहे हैं, लेकिन नतीजे उत्साहवर्धक नहीं है।

4 मई को दोपहर 2 बजे रावतपुर रेलवे स्टेशन से बारादेवी और किदवईनगर की सवारियां लेकर चले नसीम के टेम्पो में टाइम बम रखा गया था। किदवईनगर चौराहे पर ड्राइवर नसीम ने टाइम डिवाइस के दोनों तार खींच दिए थे, जिससे विस्फोट होने से बच गया। हालांकि बाद में एटीएस और अन्य एजेंसियों की छानबीन में यह बात सामने आयी कि टाइमर डिवाइस का सर्किट ही पूरा नहीं था।

बम रखने का मकसद या तो केवल दहशत फैलाना था या फिर डिवाइस बनाने वाले से चूक हो गयी। एटीएस की बारूद जांचने वाली किट से पता चला कि जो बारूद प्रयोग हुआ, उसमें आरडीएक्स और पीएनटी का मिक्सचर है। इसके बाद बारूद को जांच के लिए आगरा भेजा गया है। उधर, टेम्पो में बैठे दो युवकों पर जांच एजेंसियों का संदेह गया, लेकिन ड्राइवर नसीम को उनका चेहरा याद न होने से स्केच भी नहीं बन पाया है। बाबूपुरवा पुलिस, एसटीएफ और एटीएस जांच कर रही हैं।

24 अगस्त 2008 को राजीव नगर में हुए विस्फोट में भूपेन्द्र सिंह और राजीव मिश्र की मौत हो गई थी। सुरक्षा एजेंसियों के हाथ कई टाइमर डिवाइस और पीएनटी विस्फोटक लगा था। तीन साल हो गए, लेकिन यह साफ नहीं हो सका कि विस्फोट के पीछे कौन लोग थे। राजीव नगर से पहले सैय्यद नगर (रावतपुर) में एक मकान में विस्फोट हुए में आरडीएक्स और पीएनटी के इस्तेमाल की बात सामने आयी थी।

टाइमर डिवाइस के अवशेष भी पुलिस को मिले थे, लेकिन यह जांच भी ठण्डे बस्ते में चली गयी। हालांकि एक भरोसेमंद सूत्र ने कहा कि सैय्यद नगर की जांच रिपोर्ट आ चुकी है, लेकिन इसे दबा दिया गया है। वजह साफ है कि सैय्यद नगर विस्फोट में भी आतंकी साजिश का संदेह था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:टाइम बम की पड़ताल ठण्डे बस्ते में!