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ऑनलाइन तबाह हो रही हैं ‘रागिनी’

फिल्म रागिनी एमएमएस ने इंटरनेट और एमएमएस की दुनिया को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। इंटरनेट पर करोड़ों की तादात में एमएमएस और तस्वीरें मिल जाएंगी जो किसी की निजी जिंदगी को उजागर कर रही हैं।

आज नेट पर करोड़ों एमएमएस भरे पड़े हैं। यूट्यूब से लेकर फेसबुक तक सभी जगह यह मिल जाएंगी। यही एमएमएस पसोर विभिन्न साइट्स पर बहुत सा कंटेंट फर्जी होता है या फिर धोखे से ऐसी साइट्स पर अपलोड किया होता है।

दिल्ली के एक बहुचर्चित एमएमएस केस की पीड़िता निधि (बदला हुआ नाम) ने बताया कि किसी भी लड़की के साथ ऐसा होना एक डरावने सपने जैसा है। किसी भी रिश्ते का आधार विश्वास होता है।

लेकिन जब वह ऐसी भयावहता के साथ टूटे तो व्यक्ति न केवल भावनात्मक तौर से बल्कि मानसिक तौर से भी पूरी तरह बिखर जाता है। ज्यादातर मामलों में लड़कियों को इमोशनल ब्लैकमेल कर के या फिर धोखे से उनके साथ ऐसा किया जाता है।

क्या कहते हैं आंकड़े
2009-10 में आए एक सर्वे के अनुसार करीब 60 प्रतिशत लड़कियों को इमोशनल ब्लैकमेल कर के ऐसी गतिविधियों के लिए राजी करवाया जाता है। वहीं करीब 30 प्रतिशत मामले ऐसे होते हें जिनमें धोखे से ऐसी चीजों को अंजाम दिया जाता है। इसमें सिर्फ10 प्रतिशत मामलों में जबरन एमएमएस बनाए जाते हैं।

क्या है रेप ड्रग
रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन होने की वजह से इस ड्रग की पहचान करना मुश्किल है। बिना गंध और रंग वाले कुछ रसायन पार्टी ड्रग या रेप ड्रग के तौर पर चलन में हैं जिन्हें एल्कोहल या सॉफ्ट ड्ंिक में मिलाने पर पता नहीं चलता। इससे याद्दाश्त धुंधला जाती है। इसका असर 10 से 30 मिनट में हो जाता है। यह कई इलाज में भी काम आता है।

(दिल्ली संस्करण)

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