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class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

समग्र गंगा और हिमालय को लेकर पांच दिन से उपवास पर बैठी साध्वी उमा भारती के स्वास्थ्य में गिरावट आ गई है। इससे संतों में आक्रोश पनपने लगा है। पूर्व गृहराज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने कहा कि गंगा के मुद्दे पर संतगण एकजुट हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र तथा राज्य सरकार ने इस दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं की तो वह किसी भी हद तक जा सकते हैं। दिव्य प्रेम सेवा मिशन के सेवा कुंज में गंगा और हिमालय पर प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा को लेकर साध्वी उमा भारती का उपवास जारी रहा। फल छोड़े जाने के तीसरे दिन उनके स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज की गई।

इसकी जानकारी मिलते ही डाक्टरों ने उनका चेकअप कर आराम करने की सलाह दी। इसी के चलते उमा भारती नियमित प्रेस ब्रीफिंग में भी नहीं आईं। मीडिया का काम देख रहीं अनीता सिंह ने ही जानकारी दी। प्रमुख संतगणों से उमा भारती अपने कमरे में ही मुलाकात करतीं रहीं। स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती की उमा भारती से एक घंटे तक आंदोलन के अगले स्वरूप को लेकर चर्चा हुई।

बाद में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि स्वास्थ्य और उम्र को देखते हुए उमा भारती को उपवास करने की जरूरत नहीं है। गंगा और हिमालय के मुद्दे पर सभी संतगण उनके साथ हैं। कहा कि प्रदेश सरकार को इस बारे में जल्दी कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसा न होने पर संतगण कुछ अन्य कदम उठा सकते हैं। प्रदेश के मंत्रियों के बयान को लेकर भी संतों में आक्रोश है।

उन्होंने कहा कि गंगा पर बनने वाले बांधों और उसमें होने वाला प्रदूषण के बारे में केंद्र ही फैसला कर सकती है। इस बारे में संतों की अगली रणनीति का जल्द खुलासा होगा। इस दौरान रामेश्वर ब्रह्मचारी समेत अन्य संतगण उपस्थित थे।

भक्त और समर्थक कर रहे कीर्तन

हरिद्वार। अनीता सिंह ने बताया कि दिल्ली और मध्य प्रदेश के अलावा तमाम अन्य क्षेत्रों से उमा भारती और गंगा समर्थक पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य खराब होने के कारण उमा भारती उनसे भी बात नहीं कर पा रही हैं। इसके चलते समर्थकों ने उपवास स्थल पर ही कीर्तन और ऊं नम: शिवाय का जाप शुरू कर दिया है।

उमा की घुड़की पर पालिका सक्रिय

हरिद्वार। कुंभ के बाद से उपेक्षित चंडीघाट पुल के आसपास के क्षेत्र में पालिका की टीम सफाई करने पहुंची। इलाके में चूना डालने के साथ ही कीटनाशकों का स्प्रे किया गया। दिव्य प्रेम सेवा मिशन का सेवा कुंज भी इसी क्षेत्र में स्थित है, जहां पर उमा भारती उपवास कर ही हैं। बताया जाता है कि गंदगी और बदबू को लेकर उनने प्रशासन की खिंचाई की थी। इसके बाद ही पालिका सक्रिय हुई।

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  • Web Title:उमा का स्वास्थ्य गिरा, संत भड़के