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आईएसआई चीफ के इस्तीफे पर सस्पेंस

आईएसआई चीफ के इस्तीफे पर सस्पेंस

पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी का पता लगाने में खुफिया असफलता के बाद आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल शुजा पाशा के इस्तीफे पर सस्पेंस कायम है। पाकिस्तानी संसद के समक्ष इस्तीफे की पेशकश के बाद इस मामले में प्रधानमंत्री गिलानी की प्रतिक्रिया को लेकर परस्पर विरोधी रिपोर्टें आ रही हैं।

बंद कमरे में आयोजित पाकिस्तानी संसद के संयुक्त सत्र में शुक्रवार को पाशा पेश हुए थे। यह सत्र दो मई को हुए अमेरिकी अभियान के बारे में संसद को सेना की ब्रीफिंग के लिए बुलाया गया था।

उल्लेखनीय है कि ऐबटाबाद परिसर पर अमेरिकी हमले में अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन मारा गया था। प्रिंट मीडिया और टीवी चैनलों ने सांसदों के हवाले से बताया कि पाशा ने संयुक्त सत्र के दौरान पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी का पता लगाने में खुफिया असफलता की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफे की पेशकश की।

रिपोर्टों के अनुसार पाशा ने कहा कि अगर संसद यह चाहती है तो वह इस्तीफे की पेशकश करते हैं।
मीडिया के मुताबिक उन्होंने कहा कि वह अपने आप को किसी भी दंड के लिए प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करेंगे और इसके बाद उन्होंने गिलानी को इस्तीफे की पेशकश की।

बहरहाल, द न्यूज डेली की रिपोर्ट के मुताबिक गिलानी ने पाशा के इस्तीफे की पेशकश को अस्वीकार करते हुए उनसे पद पर बने रहने को कहा है। टाइम मैग्जीन की बेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट में एक सांसद के हवाले से बताया गया है उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की, लेकिन उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं की गई।

प्रमुख विपक्षी पार्टी पीएमएल (एन) के इस सत्र को मीडिया के लिए खोले जाने की मांग के बावजूद कार्य मंत्रणा समिति ने पत्रकारों को संसद से दूर रखने का फैसला किया। शक्तिशाली सैन्य प्रमुख कयानी ने भी इस संयुक्त सत्र में हिस्सा लिया, लेकिन खबरों के मुताबिक उन्होंने सांसदों को संबोधित नहीं किया।

वह अमेरिकी अभियान के बारे में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की ओर से की जा रही ब्रीफिंग के दौरान सदन में मौजूद थे, लकिन उसके बाद सवाल जवाब सत्र के दौरान वह वहां से चले गए।

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  • Web Title:पाशा के इस्तीफे पर सस्पेंस