DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कर्नाटक सरकार को बड़ा झटका

पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के भारी उलट फेर वाले नतीजों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक में सत्तारूढ़ भाजपा को बड़ा झटका देते हुए भाजपा के 16 विधायकों को अयोग्य घोषित करने के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा, ‘स्पीकर का फैसला संवैधानिक और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है, जिसे रद्द करना आवश्यक है।’

स्पीकर ने गत वर्ष यह फैसला सदन में अविश्वास प्रस्ताव से ठीक पहले दिया था, जिसके चलते मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा सरकार बच गई थी। लेकिन शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद भाजपा सरकार की स्थिति एक बार फिर डांवाडोल हो गई है।

क्योंकि योग्य करार दिए गए ये विधायक अब क्या रुख अपनाएंगे, काफी कुछ सरकार का भविष्य इस पर निर्भर करेगा। हालांकि विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव रखा और विधायकों ने व्हिप का उल्लंघन कर दोबारा सरकार के खिलाफ वोट किया तो स्पीकर उन्हें फिर अयोग्य घोषित कर सकते हैं।

तो खत्म नहीं हो जाती स्वतंत्रता
जस्टिस अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि स्पीकर ने जिन पांच स्वतंत्र विधायकों को सरकार के खिलाफ वोट करने के लिए अयोग्य कर दिया था वह भी गलत है। सरकार में शामिल होने भर से स्वतंत्र विधायकों की स्वतंत्रता समाप्त नहीं हो जाती। इनके खिलाफ दल बदल विरोधी कानून भी लागू नहीं हो सकता। शीर्ष अदालत के इस फैसले के दूरगामी परिणाम होंगे, क्योंकि अब विधायकों पर यह पाबंदी नहीं है कि सरकार में शामिल होने से उन्हें सरकार की हर नीति का समर्थन करना जरूरी होगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:कर्नाटक सरकार को बड़ा झटका