DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

800 में से आठ सीटें भी नहीं

800 में से आठ सीटें भी नहीं

कांग्रेस ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दुखती रग पर भरपूर कांटा चुभोते हुए उसे याद दिलाया कि केंद्र में सरकार बनाने की हसरत पालने वाली पार्टी 800 से ज्यादा विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में 8 सीटें भी नहीं जीत पाई।

विधानसभा चुनाव नतीजों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया देने के लिए उतरे पार्टी के मंजे हुए नेता प्रणव मुखर्जी ने गिनाया कि इन चुनावों में पश्चिम बंगाल की 294, तमिलनाडु की 234, असम की 126, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 सीटों को जोडकर 800 से अधिक सीटों के लिए मतदान हुआ।

उन्होंने ताना मारते हुए कहा कि अपने आपको राष्ट्रीय पार्टी कहलाने वाली और सरकार बनाना का दावा करने वाली एक पार्टी दहाई का आंकडा भी नहीं छू सकी। उन्होंने कहा कि भाजपा केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु में खाता नहीं खोल सकी जबकि पश्चिम बंगाल में उसे एक और असम में 5 सीटें हासिल हुईं।
 
लेकिन पश्चिम बंगाल में वामपंथी दलों की हार को उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टियों के अप्रासंगिक होने के रूप में नहीं देखा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी एक चुनाव में किसी पार्टी की हार से यह तय नहीं होता कि वह सदा के लिए अप्रासंगिक हो गई है। 

अगर ऐसा होता तो 1984 के चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी का वजूद ही नहीं होता जिसे उस समय महज दो सीटें ही मिली थीं। मुखर्जी ने कहा कि राजनीतिक दलों के लिए जय और पराजय जीवन का हिस्सा हैं और किसी एक चुनाव के आधार पर कोई पार्टी प्रासंगिक या अप्रसांगिक नहीं हो जाती।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:800 में से आठ सीटें भी नहीं