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टीम इंडिया में काम नहीं करेगा तानाशाही रवैया : फ्लेचर

टीम इंडिया में काम नहीं करेगा तानाशाही रवैया : फ्लेचर

टीम इंडिया के नवनियुक्त कोच डंकन फ्लेचर ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय टीम के साथ काम करने में तानाशाही रवैया काम नहीं करेगा और किसी भी तरह के बदलाव से पहले वह खिलाड़ियों के साथ कुछ समय गुजारना चाहते हैं।

फ्लेचर ने टीम इंडिया का कोच बनने के बाद अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि टीम के लिए मैंने जो योजना तैयार की है उसके तहत कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा। मैंने दक्षिण अफ्रीका दौरे और विश्वकप में भारतीय टीम के प्रदर्शन को देखा था।

उन्होंने कहा कि मैं टीम के साथ जुड़ने के बाद ही अपनी योजनाओं को मूर्त रूप दूंगा। अगर जरूरी हुआ तो कुछ बदलाव किए जाएंगे। मैं जिस पद पर हूं वहां तानाशाही रवैया नहीं चल सकता है। फ्लेचर ने कहा कि वह टीम इंडिया के बारे में पहले ही पूर्व कोच गैरी कर्स्टन से बातचीत कर चुके हैं।
 
जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान फ्लेचर आठ वर्षों तक इंग्लैंड के कोच रह चुके हैं और उनके मार्गदर्शन में ही इंग्लैंड टीम ने 2005 में एशेज में यादगार जीत हासिल की थी। उन्होंने माना कि टीम इंडिया का कोच पद संभालना बेहद चुनौतीपूर्ण काम है।
 
फ्लेचर ने कहा कि यह मेरे लिए नई चुनौती है। कर्स्टन और गेंदबाजी कोच एरिक सिमंस ने मुझे कुछ सुझाव दिए हैं। कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी से भी मेरी बात हो चुकी है। विश्व चैंपियन टीम को कोचिंग देना एक चुनौतीपूर्ण काम है।
 
उन्होंने कहा कि मुझे पूर्व में भारतीय उपमहाद्वीप में अच्छी सफलता मिल चुकी है। इंग्लैंड ने पाकिस्तान और श्रीलंका में लगातार सीरीज जीती थी। विवादास्पद अंपायर फैसला समीक्षा प्रणाली (यूडीआरएस) के बारे में पूछने पर फ्लेचर ने बस इतना ही कहा कि यह एक व्यवस्था है जिसका क्रिकेट में इस्तेमाल किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की क्रिकेट समिति ने सभी अंतरराष्ट्रीय मैचों में यूडीआरएस को लागू करने की सिफारिश की है। लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसाआई) और कई सीनियर भारतीय खिलाड़ी इस व्यवस्था के खिलाफ रहे हैं।

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