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भारतीय खेमे में निराशा

भारतीय खेमे में निराशा

न्यूजीलैंड से मिली करारी शिकस्त के बाद आज भारतीय हॉकी खेमे में निराशा पसरी हुई है क्योंकि इस हार से दो बार की गत चैम्पियन टीम सुल्तान अजलान शाह कप में पदक की दौड़ से बाहर हो गई।
   
भारतीय टीम का ऑस्ट्रेलिया के साथ अजलान शाह कप में पांच बार खिताब जीतने का रिकॉर्ड है और इस बार उससे ट्राफियों की हैट्रिक की उम्मीद थी। भारतीय टीम 2009 के बाद 2010 में दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त चैम्पियन रही थी।
   
लेकिन पाकिस्तान और न्यूजीलैंड से लगातार दो मैचों में करारी शिकस्त के बाद भारत पदक की दौड़ से बाहर हो गया। भारत के मुख्य कोच हरेंद्र सिंह अन्य कोचों और टीम मैनेजर बलबीर सिंह के साथ शुक्रवार सुबह के सत्र में खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।
    
हरेंद्र ने कहा कि हम पोडियम के इतने करीब आ गए थे और इसके बाद दो शिकस्त से सब कुछ खराब हो गया।  न्यूजीलैंड ने मैच में दूसरे हाफ में पांच गोल कर भारत को 7-3 से परास्त किया और हरेंद्र तथा खिलाड़ी इस गहरे आघात से अब तक नहीं उबर सके हैं।

हरेंद्र ने कहा कि हमने दो अच्छे मैच खेले। और तो और ये मैच ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के खिलाफ थे। लेकिन जिस तरह से टीम ने गुरुवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ गोल भेंट स्वरूप दिए इससे कुछ सवाल उठना लाजमी है।
    
उन्होंने कहा कि हम इस बात से भली भांति वाकिफ हैं कि खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से काफी निराश हैं। गुरुवार को सात में से पांच गोल ऐसे थे जो विपक्षी टीम को भेंट जैसे थे। उन्होंने कहा कि अगर आप ऐसा करते हैं और वह भी एक मैच के बाद दूसरे मैच में भी तो आप अंतरराष्ट्रीय हॉकी में नहीं ठहर सकते। हमने वीडियो सत्र में टीम के साथ मैच की समीक्षा की और यहां तक कि वे भी विपक्षी टीम के गोलों पर विश्वास नहीं कर सके।

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