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बिहार के साथ खासकर बिजली के मामले में केन्द्र के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिल्ली से बिहार का बिजली कोटा बढ़ाने की मांग की। गुरुवार को केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे से मिलकर उन्होंने कहा कि बिहार में विद्युत की मांग बढ़ी है। ऐसे में राज्य का बिजली कोटा बढ़ना चाहिए।

भूटान की पनबिजली परियोजनाओं से बिहार को बिजली दी जाए। इसके साथ ही ग्रामीण विकास मंत्री से मिलकर उन्होंने फंड के अभाव में ग्रामीण सड़कों के निर्माण की धीमी गति पर भी अफसोस जताया। उन्होंने बीपीएल परिवारों के इंदिरा आवास की भूमि के लिए 10 हजार के बदले 20 हजार रुपये देने की मांग रखी। साथ ही बीपीएल परिवार तय करने के लिए केन्द्र के समक्ष बीपीएल आयोग बनाने का भी प्रस्ताव रखा।

सीएम ने कहा कि गर्मी के मौसम में केन्द्रीय कोटे में कटौती के कारण बिहार इन दिनों गंभीर बिजली संकट के दौर से गुजर रहा है। फरक्का यूनिट के बंद होने पर बिहार की परेशानी बढ़ जाती है। थोड़ी बिजली मिलती है। उसमें से भी रेलवे, डिफेंस और नेपाल को अनिवार्य सेवा के तहत बिजली देनी पड़ती है।

बिहार को सामान्य तौर पर 2500 से 3000 मेगावाट की जरूरत है। इसमें 1695 का कोटा निर्धारित है, लेकिन इन दिनों 800 से 900 मेगावाट बिजली मिल रही है। कई दिन तो मात्र 450 मेगावाट ही बिजली मिली। इससे मांग और आपूर्ति के बीच खाई बन गई है। ऐसे में उन्होंने भूटान की दो निर्माणाधीन परियोजनाओं से 1500 मेगावाट बिजली देने की मांग की।

साथ ही बाढ़ और अन्य निर्माणाधीन पावर प्लांटों से राज्य का कोटा बढ़ाने को कहा। सीएम ने कहा कि भूटान की पनबिजली परियोजना में बिहार को भी हिस्सा लगाने की अनुमति मिलनी चाहिए। कोल लिंकेज का मामला भी उन्होंने उठाया। मुख्यमंत्री के साथ राज्य के पूर्व मंत्री देवेशचन्द्र ठाकुर भी थे।

बाद में सीएम ने ग्रामीण विकास मंत्री विलासराव देशमुख से मिलकर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के संशोधित नेटवर्क को मंजूरी दिलाने और बीपीएल सूची तैयार करने के लिए स्वतंत्र आयोग बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि तीन साल से मंजूरी नहीं मिल पाने के कारण करीब 10 हजार किलोमीटर सडक़ नहीं बन पा रही है।

उन्होंने केन्द्रीय एजेंसियों को सौंपी गई सडकों के निर्माण की धीमी गति की तरफ भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि अभी तक कई सडक़ों के टेंडर तक नहीं निकाले गए। फंड के अभाव में काम के रफ्तार में कमी आ गई है। 8604.08 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली, लेकिन 4522.66 करोड़ रुपये ही जारी किए गए। उन्होंने निर्माण कार्यों की समुचित निगरानी का भी मंत्रालय से अनुरोध किया।

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  • Web Title:बिहार का बिजली कोटा बढ़ाये केन्द्र : नीतीश