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श्री विधि से धान की खेती करने की तकनीकों को किसान समझें और अपनाएं। किसानों की सहायता के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से तैयार है। ये बातें कृषि विभाग के सचिव सीके अनिल ने गुरुवार को श्री विधि से धान की खेती पर समाहरणालय सभागार आयोजित कार्यशाला में कहीं।

उन्होने कहा कि बिहार कृषि के क्षेत्र में आत्म निर्भर हो, यह कृषि विभाग की जिम्मेदारी है। इसके लिए जमीनी स्तर पर किसानों की समस्या को सूचीबद्ध किये जाने की जरूरत है। उन्होंने किसान सलाहकारों एवं एसएमएस को दिर्नेश दिया कि वे किसानों की भौगौलिक एवं आर्थिक स्थिति का सर्वे कर कृषि विभाग को उसकी सूची उपलब्ध कराएं, हरी खाद एवं ढैंचा की खेती के लिए किसानों को जागरूक किये जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि किसान सलाहकार एवं एसएमएस किसानों के बीच जाकर इन चीजों के बारे में उन्हें प्रेरित करें। अनिल कुमार ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी अपने कार्यप्रणाली में बदलाव लाये। वे अपने कार्यो को जमीनी स्तर पर दिखाने का प्रयास करें। जिले के सभी 180 पैक्सों को खाद-बीज का लाइसेंस निर्गत किये जाने का निर्देश भी कृषि पदाधिकारियों को उन्होंने दिया।

उन्होंने कहा कि जिले के सभी कृषि फॉर्म में एक इंच भी जमीन खाली नहीं रहनी चाहिए। अन्य सरकारी विभागों की खाली पड़ी जमीन पर भी हरी सब्जी और अन्य फसलों की खेती करने का निर्देश कृषि अधिकारियों को उन्होंने दिया। उन्होंने कहा की किसान पाठशालाएं नियमित रूप से संचालित होनी चाहिए। अगर कहीं से भी पाठशाला नहीं चलने की शिकायत मिलती है तो संबंधित पदाधिकारी नपेंगे।

विभागीय स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने किसानों से कहा कि सहजन का पेड़ जरूर लगाये। इसमें कई प्रकार के औषधीय गुण हैं। इस मौके पर एडीएम राजेन्द्र महतो, जिला कृषि पदाधिकारी किरण किशोर प्रसाद, कृषि बैज्ञानिक डी बी के मंडल, डा. मनोज कुमार, सहित जिले के सभी किसान सलाहकार, एसएमएस एवं कई किसान मौजूद थे।

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  • Web Title:‘किसानों को आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य’