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ट्रेन के चपेट में आई बस, दो की मौत

गुरुवार को हरसिंहपुर गोवा रेलवे स्टेशन के निकट 15040 डाउन कानपुर-कासगंज एक्सप्रेस की चपेट में एक बस आ गई। बस में सवार चालक और परिचालक की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना मानव रहित क्रॉसिंग पर हुई।


हादसा इतना भीषण था कि आवाज सुनकर पास पड़ोस के गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। इस दुर्घटना में ट्रेन का इंजन क्षतिग्रस्त हो गया। चालक समेत ट्रेन में सवार दर्जन भर यात्री घायल हो गए। इंजन का डीजल टैंक फट जाने के चलते ट्रेन तकरीबन दो घंटे घटनास्थल पर ही खड़ी रही। मौके पर पहुंचे रेलवे व प्रशासनिक अधिकारियों ने इंजन में फंसे बस के मलबे को भारी मशक्कत के बाद बाहर निकलवाया। फरुखाबाद से इंजन संख्या 13530 मंगाकर गाड़ी को रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया गया।

15040 डाउन कानपुर-कासगंज एक्सप्रेस को लेकर गुरुवार को प्रात: 8.50 बजे चालक जीत सिंह, परिचालक अरुण कुमार तथा गार्ड एएल हेमरम रवाना हुए। तेज रफ्तार में ट्रेन मानव रहित क्रॉसिंग नगला कलार और नगला समाधान के पास पहुंची। उसी समय बस संख्या यूपी 76 सी-0669 उसके चपेट में आ गई।

इस हादसे में बस चालक अमर सिंह निवासी शमसाबाद और परिचालक विमलेश निवासी सतौथा, हरपालपुर, हरदोई की मौके पर मौत हो गई। बस घटनास्थल से एक किलोमीटर तक ट्रेन के साथ घिसटती चली गई। बस के पार्ट्स हवा में उड़ उड़कर डिब्बों में लगने लगे। बस का मलवा टकराने से ट्रेन के डीजल टैंक फट गया। इसी दौरान बस की कमानी चालक जीत सिंह के लग गई, जिससे वह घायल होकर बेहोश हो गया। उसके बेहोश होते ही चालक जीत सिंह ने बुद्धिमता का परिचय देते हुए ट्रेन रोक दी।

प्राइवेट बस पट्टिया से एक बारात उठाने जा रही थी। उसी समय मानव रहित क्रॉसिंग पर यह हादसा हो गया। इंजन के पास पहले डिब्बे में बैठे दर्जन भर यात्री घायल हो गए। इनमें राजेश निवासी अशोकनगर (पुलिस स्टेशन हथियाबाद के करीब), हरियाणा, रीना निवासी अहमदाबाद, गुजरात, अनुज मदारवाड़ी, फरुखाबाद की हालत गंभीर होने पर उन्हें डा.राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी आनन फानन में मौके पर पहुंच गए और इंजन में फंसे बस के मलबे को बाहर निकालने का काम किया गया। स्टेशन अधीक्षक बीएन सिंह के अनुसार उन्हें 10.35 बजे दुर्घटना की सूचना मिली। हालांकि चालक जीत सिंह का कहना है कि दुर्घटना 10 बजकर 25 मिनट पर हो चुकी थी। इस दौरान बस के मलबे में दबे चालक अमरसिंह को तो निकाल लिया गया। परिचालक विमलेश का शव नहीं निकाला जा सका। मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक वीके मिश्र ने आनन फानन में क्रेन मंगवाकर शव निकालने का प्रयास किया, लेकिन यह क्रेन भी मलबे को उठा नहीं सकी।

 तकरीबन दो घंटे खड़ी रही। ट्रेन में सवार यात्री पसीना-पसीना हो गए। यात्रियों का कहना है कि हवा में उड़ रहे बस के मलबे के बड़े-बड़े टुकड़े डिब्बों में लगने लगे तो यात्रियों ने शीशे खिड़की बंद करके अपनी जान बचाई। रेल पटरी तथा इंजन के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण दूसरा इंजन मंगाकर दोपहर 12.13 बजे ट्रेन को फरुखाबाद जंक्शन पर लाया गया। वहां क्षतिग्रस्त इंजन को रोक लिया गया और दूसरे इंजन से ट्रेन कानपुर के लिए रवाना कर दी गई। इस दौरान लखनऊ से कासगंज जाने वाली 55325 एक्सप्रेस तथा एक अन्य ट्रेन प्रभावित हुई। आनन फानन रेल पटरी की मरम्मत कर दोपहर 1 बजे के बाद यातायात बहाल कर दिया गया।

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