DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

विपक्ष का उग्र रुख, सरकार की प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई

विपक्ष का उग्र रुख, सरकार की प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई

ग्रेटर नोएडा में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की गिरफ्तारी के एक दिन बाद कांग्रेस, भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने जहां भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर उग्र रुख अख्तियार किया, वहीं मायावती सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करते हुए अनेक नेताओं को हिरासत में लिया।

किसानों के समर्थन में उत्तर प्रदेश सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति के खिलाफ गाजियाबाद में अनशन पर बैठे भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह को वरिष्ठ पार्टी नेता अरूण जेटली और मुख्तार अब्बास नकवी के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं लोजपा अध्यक्ष राम विलास पासवान, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी तथा भारतीय किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत को उनके समर्थकों के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
   
उप्र सरकार के रुख के विरोध में कांग्रेस के राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने गुरुवार को लखनऊ में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज किया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी सहित कई पार्टी कार्यकर्ताओं एवं नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। जबकि मायावती ने विपक्ष पर हिंसा प्रभावित ग्रेटर नोएडा में कानून व्यवस्था भंग करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस ने रायबरेली, गाजियाबाद, मेरठ, झांसी, इलाहाबाद और सीतापुर में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन किए। दूसरी तरफ ग्रेटर नोएडा में प्रशासन ने फिर से निषेधाज्ञा लागू कर दी है और सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

मायावती को तानाशाह करार देते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भट्टा पारसौल गांव में पुलिस ज्यादतियों की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। सिंह को बुधवार रात ग्रेटर नोएडा में राहुल गांधी के साथ ही हिरासत में लिया गया था।
     
केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि कांग्रेस के अंदर और बाहर दोनों जगह राहुल गांधी को मिल रहे जबरदस्त समर्थन और सम्मान से मायावती घबराई हुई हैं और उनकी नींद उड़ गई है।

केंद्रीय गृह मंत्री पी़ चिदंबरम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की हालत अच्छी नहीं है क्योंकि कई गांवों में भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर किसान विरोध कर रहे हैं। उन्होंने विरोध प्रदर्शन से निपटने के मायावती के तरीके की आलोचना की। हालांकि उन्होंने ग्रेटर नोएडा में हाल ही में हुई हिंसा के मद्देनजर हालात का जायजा लेने के लिए एक केंद्रीय दल को भेजने की बात खारिज कर दी।

गाजियाबाद से भाजपा सांसद राजनाथ सिंह, पार्टी नेता अरूण जेटली, मुख्तार अब्बास नकवी और प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही सहित अन्य पार्टी नेताओं की गिरफ्तारी के बाद पार्टी की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया आई। भाजपा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में तानाशाह सरकार है। पार्टी ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए अपना विरोध जारी रखने की बात कही।
   
उधर विपक्ष पर पलटवार करते हुए मायावती ने ग्रेटर नोएडा के भट्टा पारसौल गांव में हुए किसान-पुलिस संघर्ष को विपक्षी पार्टियों की घिनौनी राजनीति का हिस्सा करार देते हुए कहा कि विरोधी दल इस मामले को जमीन के मुआवजे से जोड़कर दुष्प्रचार कर रहे हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:विपक्ष का उग्र रुख, सरकार की प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई