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सभी अंतरराष्ट्रीय मैचों में डीआरएस लागू करने की सिफारिश

सभी अंतरराष्ट्रीय मैचों में डीआरएस लागू करने की सिफारिश

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की क्रिकेट समिति ने सभी अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायर फैसला समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) लागू करने की सिफारिश की है।

वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान क्लाइव लायड की अध्यक्षता वाली आईसीसी की क्रिकेट समिति की यहां लॉर्डस में दो दिनों तक चली बैठक में यह सर्वसम्मति से फैसला किया गया। इस सिफारिश को मंजूरी के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और आईसीसी बोर्ड के पास भेजा जाएगा।

दोनों समितियों की 26 से 30 जून तक हांगकांग में बैठक होगी और अगर डीआरएस के प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो इसे भारत और इंग्लैंड के बीच जुलाई में होने वाली चार मैचों की टेस्ट सीरीज़ में लागू किया जाएगा।
 
डीआरएस के मौजूदा नियम के तहत हरेक टीम अंपायर के फैसले के खिलाफ दो बार अपील कर सकती है। डीआरएस को अभी तक केवल 31 टेस्टों और इस वर्ष हुए विश्वकप में लागू किया गया था। लेकिन समिति ने प्रत्येक टीम को एक पारी में केवल एक बार ही डीआरएस मांगने की अनुमति देने की सिफारिश की है।
 
डीआरएस को पहली बार अक्टूबर 2009 में शुरु किया गया था और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) शुरु से ही इसका धुर विरोधी रहा है। अब तक डीआरएस लागू करने या न करने का फैसला संबंधित क्रिकेट बोर्डों पर छोड़ा जाता था।

लायड ने कहा कि समिति ने सर्वसम्मति से यह फैसला किया है कि डीआरएस को सभी टेस्टों में लागू किया जाना चाहिए। साथ ही इसे सभी वनडे और टी20 मैचों में लागू करने की सिफारिश समिति ने की है। प्रत्येक टीम को हर पारी में एक बार ही अंपायर के फैसले को चुनौती देने का अधिकार होना चाहिए।
 
उन्होंने कहा कि समिति इस बात से सहमत थी कि विश्वकप में डीआरएस का इस्तेमाल सफल रहा और इसी आधार पर समिति ने इसे सभी अंतरराष्ट्रीय मैचों में लागू करने की सिफारिश की है। समिति ने साथ ही इस बात पर भी सहमति जताई कि दूधिया रोशनी में प्रस्तावित दिनरात्रि के टेस्ट मैचों के लिए गुलाबी रंग की गेंद ही सबसे मुफीद होगी।
 
समिति ने सिफारिश की है कि दिन रात्रि प्रथम श्रेणी मैचों में ट्रायल के तौर पर दुनियाभर में गुलाबी गेंदों का इस्तेमाल किया जाए। उसने गुलाबी गेंदों का इंटरकोंटिनेंटल कप में इस्तेमाल करने की भी सिफारिश की है जो इस वर्ष बाद में एसोसिएट्स और संबंद्ध टीमों के बीच खेला जाएगा।

समिति ने साथ ही वनडे में दोनों छोरों से अलग-अलग गेंदों के इस्तेमाल की भी सिफारिश की है। मौजूदा नियमों के मुताबिक 34 ओवर बाद गेंद बदली जाती है। क्रिकेट समिति के अन्य सुझावों में रनर के इस्तेमाल के संबंध में नियम में संशोधन में कही गई है जिसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में समाप्त करने का प्रस्ताव है। समिति ने साथ ही वर्ष 2015 में होने वाले अगले विश्वकप में क्वालीफाइंग प्रक्रिया की सिफारिश की है। यह एसोसिएट टीमों के लिए अच्छी खबर है।
 
आईसीसी के मुख्य कार्यकारी हारुन लोर्गट ने विश्वकप से पहले कहा था कि अगला विश्वकप दस टीमों के बीच खेला जाएगा जिस पर एसोसिएट टीमों ने खासी आपत्ति जताई थी। आईसीसी के अध्यक्ष शरद पवार ने विश्वकप के दौरान एसोसिएट टीमों को आश्वासन दिया था कि वह उनकी भावनाओं को समझते हैं और इस मुद्दे पर क्रिकेट समिति की बैठक में विचार किया जाएगा।

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