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हसन अली मामले में केंद्र को फटकार

हसन अली मामले में केंद्र को फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने काला धन विदेशी बैंकों में जमा कराने तथा कर चोरी के आरोपी हसन अली खान और कोलकाता के व्यवसायी काशीनाथ तिपुरिया के खिलाफ आरोप-पत्र की जानकारी अदालत को नहीं देने के लिए गुरुवार को केंद्र सरकार की खिंचाई की।

न्यायमूर्ति बी सुदर्शन रेड्डी और न्यायमूर्ति एसएस निज्जर की सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने महाधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम से कहा कि इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से जो रपट दाखिल की गई है, उसमें यह नहीं कहा गया कि मामले की जांच समाप्त हो गई है और आरोप-पत्र एक दिन बाद दाखिल किया जाएगा।

निदेशालय ने चार मई को अदालत में रपट दाखिल की और मुंबई की विशेष अदालत में छह मई को 900 पृष्ठों का आरोप-पत्र दाखिल किया गया। न्यायमूर्ति रेड्डी ने कहा, ''यह साफ है कि आपके पास चार मई को आरोप-पत्र था और आपने हमें सूचना नहीं दी।''

अदालत ने सुरक्षा पर बहु-विभागीय उच्च स्तरीय समिति के समक्ष आरोप-पत्र नहीं रखने के लिए प्रवर्तन निदेशालय को भी आड़े हाथों लिया। न्यायालय ने कहा कि आरोप-पत्र पर मुंबई की विशेष अदालत की कोई भी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अधीन होगी।

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