DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हिंदू से विवाह को वैध ठहराया

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि शुद्धीकरण के जरिए हिंदू धर्म में लौटी महिला यदि किसी हिंदू व्यक्ति से शादी करती है तो शादी हिंदू विवाह अधिनियम के तहत पूरी तरह वैध शादी होगी। 

यह व्यवस्था देते हुए जस्टिस पी. सदाशिवम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने हिंदू व्यक्ति की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उसने मुस्लिम महिला पर धोखे से शादी करने का आरोप लगाते हुए विवाह को अवैध घोषित करने की मांग की थी।

पति ने आरोप लगाया कि विवाह से पहले पत्नी ने झूठ बोला था कि वह हिंदू और अविवाहित है। लेकिन शादी के बाद पता चला कि वह शादीशुदा मुस्लिम है। उसके 11 तथा 13 वर्ष के दो बच्चे भी हैं। फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस वक्त महिला ने शादी की, वह हिंदू बन चुकी थी।

इस बात की तसदीक उसे और उसके दो बच्चों का शुद्धीकरण कराने वाले पंडित ने की है। पंडित ने बताया है कि भावना गक्कर उर्फ शहार वैसीफ ने मुस्लिम पति से तलाक लेने के बाद 1997 में हिंदू धर्म में लौटने की इच्छा जाहिर की थी। इसके बाद उन्होंने उसका और दो बच्चों का शुद्धीकरण करवा था।

हिंदू बनने के छह वर्ष बाद उसने पायलट राजीव गक्कर से आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया। कोर्ट ने कहा कि विवाह के समय हिंदू बन जाने के कारण यह शादी हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 5 के तहत पूर्ण वैध है। यदि एक पार्टी दूसरे धर्म से ताल्लकु रखती तो शादी धारा 11 के तहत अवैध मानी जाएगी और ऐसी महिला या पुरुष को कोई वैवाहिक अधिकार नहीं दिए जाएंगे।

(दिल्ली संस्करण)

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:हिंदू से विवाह को वैध ठहराया