DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

राज्य सरकार ने पुलिस फायरिंग जांच की मांग खारिज की

उत्तर प्रदेश सरकार ने भट्टा परसौल गांव में पुलिस फायरिंग होने की घटना की न्यायिक जांच कराने की विपक्षी दलों की मांग बुधवार को खारिज कर दी। प्रशासन द्वारा अधिग्रहित की गई जमीन के बदले अधिक मुआवजे की मांग कर रहे प्रदर्शनरत किसानों पर पुलिस ने यह गोलीबारी की थी।

उत्तर प्रदेश के कषि मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने विपक्षी दलों की मांग के बारे में कहा कि भट्टा परसौल में गोलीबारी की घटना की न्यायिक जांच कराने की कोई जरूरत नहीं है। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है।

नारायण ने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस कानून व्यवस्था की समस्या से निपट रही है और बंधक बनाए गये सरकारी अधिकारियों को बचा रही है। मंत्री भट्टा परसौल में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के धरना देने और न्यायिक जांच की मांग करने से जुड़े सवालों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।

नारायण ने दावा किया कि धरना तब हिंसक हो गया जब किसान नेता मानवीर सिंह तेवाटिया ने बेकसूर किसानों से प्रदर्शन का जिम्मा ले लिया। उन्होंने हथियार इकटठे करना शुरू किए और बीते चार महीने में कई बार सरकारी अधिकारियों को बंधक बनाकर राज्य के खिलाफ जंग छेड़ दी।

उन्होंने कहा कि तेवाटिया ने उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन के तीन कर्मियों को बंधक बना लिया, जिसके चलते जिला प्रशासन को जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसएन सिंह के नेतृत्व में बचाव दल भेजना पड़ा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:राज्य सरकार ने पुलिस फायरिंग जांच की मांग खारिज की