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छात्र बोले- बढ़ाएंगे पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम की परम्परा

बेसिक साइंस पर शोध की तरफ घटते रुझान से, राष्ट्र को घबराने की जरूरत नहीं है। युवा वैज्ञानिकों की एक ऐसी फौज तैयार हो रही है जो बेसिक साइंस पर शोध करेगी। तकनीकी दिवस पर दर्जन भर स्कूली छात्रों ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की परम्परा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

पोखरण ब्लास्ट की याद में डीएमएसआरडीई में ओपेन हाउस प्रदर्शनी में छात्रों ने खासा उत्साह दिखाया। वे वैज्ञानिकों से एक-एक चीज बड़ी ही गहराई से पूछ रहे थे। यूपी किराना सेवा समिति विद्यालय के कक्षा 11 के छात्रों ने बेसिक साइंस पर शोध करने की शपथ ली। सामर्थ्य का कहना है कि वह एमबीए, एमसीए नहीं करेंगे। वैज्ञानिक बनेंगे और रक्षा अनुसंधान संस्थान में शोध करेंगे।

रीतू कहती हैं कि वह मिसाइल में इस्तेमाल होने वाले उस उपकरण पर शोध करेंगी जो उसकी मारक क्षमता और बढ़ा सकने में बेहतर साबित हो। सलोनी कहती हैं कि वह लड़ाकू विमानों को सुरक्षित करने वाले मैटीरियल पर शोध करेंगी।

शुभम कहते हैं कि वह सैनिकों के लिए फूड सामग्री पर शोध करेंगे। उनका कहना है कि मिसाइल मैन डॉ. कलाम ने देश का नाम रोशन किया है। उनके नक्शे कदम पर चलने की कोशिश करेंगे। इसी तरह आदित्य व रजत भी बेसिक साइस पर ही शोध करने के लिए तैयार हो गए। उनका कहना है कि प्रदर्शनी देखने पर रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान की ताकत का अंदाजा मिला।  इसे आगे बढ़ाने के लिए वह लोग भी आगे आएंगे। आदित्य कहते हैं कि वह मैकेनिकल क्षेत्र में शोध करेंगे।

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