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लादेन का हश्र

‘चौकन्ना रहने का समय’ शीर्षक से प्रकाशित संपादकीय पढ़ा। उसमें यह बिल्कुल सही कहा गया कि लादेन भले ही मारा गया हो, लेकिन आतंक की आत्मा अल कायदा और तालिबान अभी मौजूद हैं। लादेन के मारे जाने से अल कायदा तो बौखलाया हुआ है ही, पर उसके सहयोगी तालिबान भी छटपटा रहे हैं। लादेन के मारे जाने की स्थिति में वे भयंकर परिणाम की धमकी देते रहे हैं और अब भी दे रहे हैं, खासकर अमेरिका और पाकिस्तान को। इसलिए वास्तव में यह पूरे विश्व के चौकन्ना व सावधान रहने का समय है। जब तक पूरा विश्व इस आतंकवाद के खिलाफ एक मन से सक्रिय नहीं होगा, इसका सफाया नामुमकिन है। लादेन मामले ने यह तो साफ कर ही दिया है कि पाकिस्तान एक झूठा देश है। अब उसके खिलाफ भी विश्व बिरादरी को सख्त कदम उठाने होंगे।
इंद्र सिंह धिगान, रेडियो कॉलोनी, किंग्जवे कैंप, दिल्ली

आदेश की अवहेलना
सरकार द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा जलाने पर पाबंदी लगाई गई है। इसके बावजूद दिल्ली में जगह-जगह कूड़ा-करकट, प्लास्टिक के तारों और सूखी पत्तियों को पार्को में व सड़कों आदि के किनारों पर सार्वजनिक तौर पर जलाया जाता है। नई दिल्ली के चेम्सफोर्ड रोड, जंतर-मंतर के बिल्कुल बराबर के तिकोने पार्क में यह नजारा आम है। इन स्थानों पर सूखी पत्तियों के ढेर को आग के हवाले करके सफाई कर्मचारी और माली दिल्ली के स्वच्छ वातावरण को दूषित कर रहे हैं। साथ ही सरकारी आदेश की भी अवहेलना करने का गुनाह कर रहे हैं। इसी तरह, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर भी रोजाना प्लास्टिक के कचरे और बिजली के तारों को जलाया जाता है। इसलिए प्लास्टिक और बिजली के तारों को जलाकर वातावरण को प्रदूषित करने वालों पर जल्दी से जल्दी सख्ती बरती जानी चाहिए।
मोती लाल जैन, 99, सूर्या निकेतन, दिल्ली

कदम बढ़ाने का वक्त
सेंथली गांव में हुई गुजर्र बिरादरी की पंचायत में ग्रामीणों द्वारा दहेज लेने या देने वालों का हुक्का-पानी बंद करना वास्तव में एक सराहनीय पहल है। यह फैसला एक ओर जहां उन लोगों के मुंह पर तमाचा है, जो महज दिखावे के लिए शादियों में करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाते हैं, वहीं उन लोगों के लिए भी यह फैसला एक सबक होगा, जो सर्वगुण संपन्न लड़कियों को मात्र दहेज के अभाव के कारण अपने घर की लक्ष्मी बनाने से इनकार कर देते हैं। दहेज के कारण ही कन्या का जन्म समाज पर बोझ बन गया। माता-पिता की सोच यह बन गई कि बिटिया के विवाह पर संदूक भर नोट खर्च करने पड़ेंगे, इससे अच्छा तो बिटिया को जन्म ही न लेने दें। दहेज लेने-देने पर रोक प्रकारांतर से कन्या भ्रूण हत्या पर भी रोक है।
राजेश्वरी गोयल, बी-1/26, संजय इन्क्लेव, उत्तम नगर

किसानों की सुनिए
एक समय था, जब देश के एक संत प्रधानमंत्री ने नारा दिया था- जय जवान, जय किसान। आज विडंबना देखिए कि उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार ने किसानों और पुलिस के जवानों में ही दंगल करा दिया है। किसानों की जायज मांगों की सहानुभूतिपूर्वक सुनवाई करने के बजाय बसपा सरकार ने उनके आंदोलन को कुचलने का काम किया। किंतु किसानों पर कहर बरपाने की कोई भी कोशिश स्वीकार्य नहीं हो सकती, अत: दमन का रास्ता छोड़ सुलह का मार्ग अपनाया जाना चाहिए।
श्यामा सिंह, पांडव नगर, दिल्ली

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