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ढांचागत ऋण कोष के लिए दिशा निर्देश जल्द : गोपालन

वित्त मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि ढांचागत क्षेत्र के ऋण कोषों के बारे में दिशा-निर्देश जून अंत तक जारी होने की संभावना है, जिससे क्षेत्र की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

12वी पंचवर्षीय योजना के दौरान ढांचागत क्षेत्र में 1,000 अरब डॉलर के निवेश का अनुमान लगाया गया है। आर्थिक मामलात विभाग में सचिव आर गोपालन ने फिक्की के एक कार्य्रकम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम इसके लिए काम कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि हम जून अंत तक इसे पूरा कर लेंगे। कमियों को दूर किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने 2011-12 के आम बजट में घोषणा की थी कि सरकार समर्पित ढांचागत ऋण कोष की स्थापना में सहयोग करेगी। इसके लिए ढाचांगत क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने को विशेष निकाय बनाया जाएगा।

बारहवीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) के दौरान इस क्षेत्र को 1,000 अरब डॉलर के निवेश जरूरत होगी। सरकार इस तरह के एक से अधिक ऋण कोष बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है जो विदेशों से वित्तपोषण के लिए धन कम लागत पर उपलब्ध कराएंगे।

एचडीएफसी प्रमुख दीपक पारेख की अध्यक्षता वाली समिति ने जून 2010 में  50,000 करोड़ रूपये की शुरुआती रकम के साथ इस तरह का कोष स्थापित करने का सुझाव दिया था। गोपालन ने कहा कि रिजर्व बैंक देश में कारपोरेट बॉण्‍ड बाजार के लिये दिशानिर्देश तैयार करने के अंतिम चरण में है।

इस तरह के कारपोरेट बॉण्‍ड ऋण बाजार के विकसित होने से निजी क्षेत्र ऋणपत्रों के जरिये धन जुटा सकेंगे और उसे विभिन्न क्षेत्रों में लगा सकेंगे।

 देश के ढांचागत क्षेत्र में अगले पांच साल के दौरान 1,000 अरब डॉलर के निवेश की उम्मीद की जा रही है, जिसमें से 50 प्रतिशत राशि निजी क्षेत्र से आने की उम्मीद हैं।

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