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राहुल गांधी गिरफ्तार, फिर रिहा

राहुल गांधी गिरफ्तार, फिर रिहा

राहुल गांधी तथा अन्य कांग्रेस नेताओं को कासना पुलिस थाने में एक घंटे से भी अधिक समय तक रखे जाने के बाद जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस महासचिव को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। हालांकि, गांधी ने निजी मुचलके पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे जमानत नहीं ले रहे हैं क्योंकि उनकी गिरफ्तारी गैर-कानूनी थी। शुरूआती जानकारी के मुताबिक रिहा होने के बाद राहुल गांधी का काफिला नोएडा से दिल्ली की ओर रवाना हो गया है।

इससे पहले, भूमि अधिग्रहण मुद्दे पर यहां हो रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने, संघर्षरत किसानों का पूरा समर्थन करने का वादा करने और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती की आलोचना करने के बाद राहुल गांधी को बुधवार रात उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस महानिरीक्षक (मेरठ रेंज) रजनीकांत मिश्र ने कहा कि राहुल गांधी को आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया गया है और उन्हें गुरुवार को उप जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया जायेगा।
   
अमेठी से सांसद गांधी को भट्टा परसौला गांव स्थित धरनास्थल से भूरे रंग की टाटा सफारी में अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। गांधी कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह तथा फिरोजाबाद से सांसद राज बब्बर के साथ वाहन में बैठने से पहले बड़ी तादाद में मौजूद मीडियाकर्मियों की ओर देखकर मुस्कुराये।

राहुल गांधी के गिरफ्तार होने की खबरों के बीच कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने बुधवार रात उत्तर प्रदेश सरकार से सवाल किया कि वे आखिर कितने लोगों को सलाखों के पीछे डालेंगे।

सिंह ने कहा कि आप कितने लोगों को गिरफ्तार करेंगे। आप कितने लोगों को सलाखों के पीछे डालेंगे। हम जमानत नहीं मांगेंगे।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि हम किसानों के प्रदर्शन का समर्थन करना जारी रखेंगे। कांग्रेस ने इस गिरफ्तारी के लिए तुरंत मायावती सरकार को आड़े हाथ लिया।

कांग्रेस महासचिव जर्नादन द्विवेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में क्रूरतम शासन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को गिरफ्तार करने की उत्तर प्रदेश सरकार की कार्रवाई यह साबित करती है कि मायावती खुद की कब्र खोद रही हैं। द्विवेदी ने कहा कि अगर सरकार में न्याय की जरा सी भी भावना बची है तो राज्य को कम से कम न्यायिक जांच के तुरंत आदेश देने चाहिए।

इससे पहले दिन में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने भूमि अधिग्रहण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों का पूरा समर्थन करने और उनकी मांगें पूरी होने तक उनका साथ नहीं छोड़ने का वादा किया। 

इससे पहले, उत्तर प्रदेश में किसानों की जमीन अधिग्रहण पर हो रही राजनीति में आज उस वक्त नया मोड़ आया, जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पुलिस और किसान के बीच पिछले शनिवार को संघर्ष का गवाह बने ग्रेटर नोएडा के भट्टा परसौल गांव में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए और कहा कि अपनी तीन मांगों के पूरा होने पर ही वह गांव छोडेंगे।

उधर, राज्य सरकार ने गांधी के गांव आने पर एतराज किया और कहा कि कांग्रेस महासचिव सुरक्षा की अनदेखी कर रहे हैं। राज्य सरकार इसके लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय को कडा़ पत्र भेजेगी। गौतम बुद्धनगर जिला प्रशासन ने ग्रेटर नोएडा से धारा 144 हटा ली है। कार्यवाहक जिलाधिकारी शीतल वर्मा ने कहा कि धारा 144 कल रात बारह बजे हटा ली गई थी।
 
कांग्रेस महासचिव उत्तर प्रदेश पुलिस की तमाम चुस्त व्यवस्था को धता बताते हुए भट्टा पारसौल गांव पहुंच गए और अनिश्चितकालीन धरना शुरू करके अपनी तीन मांगों के पूरा होने पर ही गांव छोड़ने का ऐलान किया। भट्टा पारसौल गांव में पिछले शनिवार को किसानों और पुलिस के बीच हुए संघर्ष में दो किसानों और दो पुलिस कर्मियों की मौत हुई थी तथा 50 से अधिक लोग घायल हुए थे।

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