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सेहत के सात रंग

सेहत के सात रंग

सेहत के लिए रंगों का बड़ा महत्त्व है। ये रंग हमारे शरीर व मनोभावों को प्रभावित करते हैं। पुराने समय में सेहत की देखभाल के लिए कलर थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता था। आइये जानें ये रंग हमारी सेहत के लिए किस तरह उपयोगी बनते हैं

लाल रंग
यह शरीर के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण चक्र माना जाता है। यह भूख व शारीरिक ऊर्जा को पूरा करता है। जब लोगों में ऊर्जा, शक्ति और ताकत की कमी होती है, तो वह इसी चक्र में असंतुलन के कारण होती है। ऐसे में लाल रंग के फल व सब्जियां, जैसे तरबूज, टमाटर, सेब, अनार, स्ट्रॉबेरी आदि लेने चाहिए।

फायदा- टमाटर में त्वचा की वृद्धि के लिए आवश्यक लिकोपेनस तत्त्व होता है। लिकोपेनस ऊतकों के निर्माण के लिए आवश्यक होता है। सलाद के रूप में ताजा और कच्च टमाटर खाना सेहत के लिए लाभदायक रहता है। सेब और अनार में भरपूर मात्र में विटामिन ए होता है। अनार विटामिन सी का भी अच्छा स्‍त्रोत होता है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलती है।

केसरिया
केसरिया रंग शरीर में ताकत और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। यह चक्र शरीर में पानी का संतुलन बनाये रखता है। सभी खनिज लवणों, जैसे सोडियम और पोटेशियम को इस चक्र से जोड़कर देखा जाता है। इस चक्र में असंतुलन से गुर्दो की समस्या हो सकती है। डर, भय और तनाव के कारण ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। संतरा, पीली गाजर और कद्दू इसके अच्छे स्नोत माने जाते हैं।

फायदा- ये खनिज के अच्छे स्त्रोत होते हैं। ये सोडियम क्लोरोमिम और पोटेशियम जैसे तत्त्वों की शरीर में पूर्ति करते हैं। ब्लड प्रेशर की शिकायत होने पर आप इनके सेवन से लाभान्वित हो सकते हैं।

पीला
आशा, उम्मीद और ताजा ऊर्जा के लिए पीले चक्र का संतुलन बहुत जरूरी है। मानसिक शक्ति के लिए यह चक्र आवश्यक माना जाता है, साथ ही हड्डियों की मजबूती से भी इसे जोड़कर देखा जाता है। खेल से जुड़े लोगों और खिलाड़ियों के लिए इस चक्र का विशेष महत्त्व होता है। हल्दी, सरसों, अनन्नास इसके स्नोत हैं।

फायदा- हल्दी को एन्टीसेप्टिक यानी रोग प्रतिरोधक माना जाता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी सहायक होती है। यह हमारे फेफड़ों के लिए भी अच्छा श्रोत है। पीले रंग के फल-सब्जियां विटामिन बी के अच्छे स्त्रोत होते हैं। जैसे कि आम में पाचन में सहयोग करने वाले एंजाइम्स होते हैं।

हरा
शरीर को इस रंग की भारी मात्र में आवश्यकता होती है। यह हमारी तंत्रिकाओं को शांत करने में विशेष भूमिका अदा करता है। हरे पौधे में क्लोरोफिल होता है, जो पोधों की लाइफलाइन माना जाता है। पारंपरिक उपचारों में हरी पत्तेदार सब्जियों का बहुत इस्तेमाल किया जाता था। हरा चक्र रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, अंदरूनी शक्ति बढ़ाने और दिल के स्वास्थ्य के लिए अहम माना जाता है। इसे मनुष्य के साहस से भी जोड़कर देखा जाता है। सभी तरह की हरी पत्तेदार सब्जियां इसका बेहतरीन स्नोत मानी जाती हैं, जिनका इस्तेमाल सलाद के रूप में और भी ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।

फायदा- हरी पत्तेदार सब्जियों में विटामिन ए, बी कॉम्पलेक्स और विटामिन सी पायी जाती है। इसमें कैल्शियम और कई अन्य खनिज भी पाये जाते हैं। हरी चाय कैंसर से बचाने में सहायक साबित होती है।

आसमानी
यह आसमान का रंग माना जाता है। इसे पानी और गले से जोड़कर देखा जाता है। हमारे शरीर में दो तिहाई पानी होता है, जो आसमानी रंग का स्त्रोत होता है। ब्लू बैरी यानी छोटे नीले दानेदार फल इसके अच्छे स्नोत माने जाते हैं।

फायदा- यह पॉलीफेनल का स्त्रोत होता है। ये हमें कैंसर से बचाता है।

नीला
इस चक्र को सहज ज्ञान, अंतर्ज्ञान और विशेष शक्तियों के लिए जाना जाता है। साथ ही इसको सूक्ष्मदृष्टि और अति संवेदन के साथ भी जोड़कर देखा जाता है। जामुन और जैतून के अन्दर यह काफी मात्र में पाया जाता है।

फायदा- इसे प्राकृतिक औषधियों में इस्तेमाल किया जाता है।

बैंगनी
इसको प्रसन्नता के चक्र के साथ जोड़कर देखा जाता है। बैंगन, अंगूर और कुछ अन्य छोटे फलों में यह उपलब्ध है।

फायदा- इसे भी प्राकृतिक औषधियों में उपयोग किया जाता है।

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